Monday, January 18, 2021
Home पॉलिटिक्स किसान आंदोलन के समर्थन में शुरू हुई ट्रैक्टर यात्रा जयपुर पहुंची

किसान आंदोलन के समर्थन में शुरू हुई ट्रैक्टर यात्रा जयपुर पहुंची

रहीम ख़ान | इंडिया टुमारो

जयपुर | नए कृषि क़ानूनों के विरोध में दिल्ली बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन के समर्थन में राजस्थान में शुरू हुई ट्रैक्टर यात्रा जयपुर पहुंची. यह यात्रा राजसमंद जिले के भीम कस्बे से 9 जनवरी को शुरू की गई थी. इस यात्रा में कठपुतली और नुक्कड़ नाटक के माध्यम से कृषि कानूनों की सच्चाई आमजन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है.

यह यात्रा जिन गांवों से होकर गुजर रही है वहां पर कृषि कानूनों से सीधे तौर पर प्रभावित किसान, मजदूर और छोटे व्यापारियों को नए कृषि कानूनों से होने वाले नुकसान को समझाया जा रहा है.

जयपुर में यह यात्रा सबसे पहले मुहाना मंडी में पहुंची जहां पर बड़ी संख्या में किसान, छोटे व्यापारी और मजदूर मौजूद थे. यहां मंडी कमेटी की ओर से सभी यात्रियों का माला पहनाकर स्वागत किया गया .

मुहाना मंडी में अपनी बात रखते हुए मजदूर किसान शक्ति संगठन के संस्थापक शंकर सिंह ने कहा कि किसान बचेगा तो ही देश बचेगा नहीं तो देश की स्थिति बहुत खराब होने वाली है. उन्होंने कहा कि निजी कंपनियों के आने से मंहगाई बढ़ रही है और कृषि क्षेत्र में भी प्राइवेट कंपनियों के आने से महंगाई और बढ़ेगी.

यहां पर उपस्थित किसानों ने कहा कि जैसे हमारी फसल की बोली लगाई जाती है वैसे ही कंपनियों के सामानों की बोली लगाई जानी चाहिए. वहां पर स्थित कई किसानों ने बताया कि कई बार हमें हमारी फसल बहुत सस्ते भाव में बेचनी पड़ती है. छोटे व्यापारी और मजदूरों ने किसानों की मांगों का समर्थन किया.

यहां पर कमेटी के अध्यक्ष व सचिव एच एम खान ने सभी यात्रियों का स्वागत किया और किसानों का साथ देने का वादा किया. सभी किसानों, मजदूरों और व्यापारियों ने एक स्वर में कहा कि एमएसपी की कानूनी गारंटी का कानून किसानों की बहुत जायज मांग है जिसे सरकार को हर हालत में मानना चाहिए.

मुहाना मंडी के बाद के बाद जयपुर में लालकोठी फल सब्जी मंडी पर सभा हुई जहां पर राजस्थान असंगठित मजदूर यूनियन के मुकेश गोस्वामी ने कहा कि आज हमें केंद्र सरकार द्वारा लाए गए दो खेती से संबंधित कानूनों एवं आवश्यक वस्तु संशोधन अधिनियम 2020 के बारे में समझना बहुत जरूरी है.

पहले दाल, अनाज, तिलहन और सब्जीयों की जमाखोरी नहीं की जा सकती थी ये सभी चीजें या तो किसान रख सकते थे या सरकार रख सकती थी लेकिन अब निजी कंपनियां अपने पास असीमित सब्जी, अनाज, दाल और तिलहन रख सकेंगे. इस कानून के बनने से कंपनियां सस्ते दामों में खरीदकर जमाखोरी करेंगी और बाद में महंगे भाव में बेचेंगी.

नए कृषि कानूनों से किसान का माल सस्ते भाव में बिकेगा और वापस बड़े व्यापारियों से बहुत महंगे भाव में खरीदना पड़ेगा. यह बहुत दुर्भाग्य की बात है कि आज भी किसान को न्यूनतम समर्थन मूल्य नहीं मिलता है.

मजदूर किसान शक्ति संगठन से जुड़े नचिकेत उड़ूपा ने कहा कि ये 3 काले कानून किसान, मजदूर और छोटे व्यापारियों पर घातक रूप से असर करेंगे और कंपनी राज आ जाएगा. इसलिए छोटे व्यापारियों और ठेले वाले को भी जागरूक होने की आवश्यकता है.

जनवादी महिला समिति से जुड़ी सुमित्रा चौपड़ा ने कहा कि यह लड़ाई केवल किसान की नहीं है यह उन सभी की लड़ाई है जो अन्न खाते है.

मंडी के महासचिव भोजराज ने यात्रियों का स्वागत किया और सभी से किसानों की लड़ाई में साथ देने का आह्वान किया.

जयपुर के अल्बर्ट हॉल पर फसल बीमा के बारे में बोलते हुए कमलराज ने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना केवल कंपनियों के लिए फायदे का सौदा है और किसान के साथ लूट है, क्योंकि जितना प्रीमियम किसान और सरकार मिलकर जमा करते हैं उससे बहुत कम क्लेम मिलता है. सभा में उपस्थित सभी किसानों से पूछा गया क्या किसी को कभी भी फसल बीमा का क्लेम मिला है तो सभी मना किया.

कमलराज ने बताया कि राजसमंद के भीम से लेकर जितने भी गांव रास्ते में आए और जिनमें मीटिंग की गई उन सभी में किसानों ने कहा कि आजतक एक रुपया भी फसल बीमा का क्लेम नहीं मिला.

विनीत भांभू ने कहा कि सरकारें कंपनियों के कहने से इसलिए कानून बनाती हैं क्योंकि ये कंपनियां ही राजनीतिक दलों को इलेक्टोरल बॉन्ड के रूप में चुनाव में अनाप शनाप खर्चा करने के लिए पैसा देती है.

प्रसिद्ध रंगकर्मी एवं कलाकार रामलाल भट्ट ने कहा कि मजदूरों को भी यह बात समझनी चाहिए क्योंकि बड़ी कंपनियां आएंगी तो सामान मॉल में बिकेगा और बहुत मेंहगा खरीदना पड़ेगा.

सभा को संबोधित करते हुए राजस्थान महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष लाड़ कुमारी जैन ने कहा कि यह कंपनी राज की शुरुआत है, हमारा किसानों के इस आंदोलन को पूरा समर्थन है.

राजस्थान समग्र सेवा संघ से जुड़े गांधीवादी नेता सवाई सिंह ने कहा कि हम इस आंदोलन का पूरा समर्थन करते हैं और इस लड़ाई में किसानों के साथ हैं.

कार्यक्रम को मुस्लिम महिला आंदोलन से जुड़ी निशात हुसैन, पीपुल्स साइंस मूवमेंट और पीयूसीएल से जुड़ी कोमल श्रीवास्तव, जमाते इस्लामी हिन्द के राज्य अध्यक्ष मो. नाजीमुद्दीन, महिला पुनर्वास समूह से पुष्पा सैनी, राजस्थान असंगठित मजदूर यूनियन के ईश्वर सिंह व राजस्थान मजदूर किसान मोर्चा के नौरतमल, कानी बाई, रामगोपाल बैरवा ने भी संबोधित किया.

इस पूरी यात्रा में किसान कठपुतली लोगों को बहुत आकर्षित कर रही है. लोग इसे देखने के लिए उमड़ रहे हैं और बात भी सुन रहे हैं.

मुहाना मंडी, लालकोठी फल सब्जी मंडी और अल्बर्ट हॉल पर यात्रा में शामिल सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा पर्चे भी बांटे गए जिसमें सरल भाषा में तीनों कानून के बारे में समझाया गया है।

जयपुर से यह यात्रा अब आगे बगरू के लिए निकली है वहां मजदूरों और किसानों के साथ संवाद करेगी और कूकस गांव में यात्रा का रात्रि विश्राम होगा. उसके बाद कूकस से कोटपुतली तक विभिन्न गांवों और कस्बों में किसानों और मजदूरों के साथ संवाद करते हुए यह यात्रा आगे बढ़ेगी.

उल्लेखनीय है कि मजदूर किसान शक्ति संगठन एवं राजस्थान असंगठित मजदूर यूनियन द्वारा किसानों के समर्थन में यह किसान समर्थन ट्रेक्टर यात्रा राजसमंद जिले के भीम कस्बे से 9 जनवरी को शुरू की है जो जगह जगह संवाद और मीटिंग करते हुए शाहजहांपुर बॉर्डर पहुंचेगी.

इस यात्रा में शंकर सिंह, बालू लाल, रामलाल, नोरतमल, कानी बाई,रामगोपाल बैरवा, मुकेश कुमार, नचिकेत, मीरा बाई, कमलराज, प्रेमी बाई, विनीत, गजेन्द्र, पुष्पेन्द्र, श्रीराम, ईश्वर तारु सिंह, प्रवीण,गोपजी, अमरसिंह आदि लोग शामिल हैं.

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