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Saturday, April 13, 2024
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राजस्थान: धर्मांतरण के आरोप में निलंबित मुस्लिम शिक्षकों की बहाली के लिए छात्रों का प्रदर्शन, SDM को दिया ज्ञापन

-रहीम ख़ान

जयपुर | राजस्थान के कोटा ज़िले में धर्मांतरण के आरोप में दो मुस्लिम शिक्षकों को निलंबित कर दिया है और एक महिला शिक्षिका के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की है.

इस कार्रवाई के विरोध में सोमवार को छात्रों ने विरोध किया और शिक्षकों की बहाली की मांग की. छात्रों का कहना है कि शिक्षकों को झूठे आरोप में फंसाया गया है.

यह कार्रवाई राज्य के शिक्षा मंत्री दिलावर ने हिन्दुत्ववादी संगठनों के दबाव में की है. जबकि छात्रों द्वारा इस कार्रवाई का विरोध किया जा रहा है.

इसी क्रम में सोमवार को निलंबित शिक्षकों को बहाल करने की मांग को लेकर खजूरी स्कूल के बच्चों ने स्कूल से सांगोद एसडीएम कार्यालय तक पैदल मार्च निकाला. एसडीएम कार्यालय पहुंच कर बच्चों ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा.

ज्ञापन में बच्चों ने मांग की है कि हमें निलंबित किये गये सभी अध्यापक वापिस चाहिए. जिन्होंने हमारे शिक्षकों के विरोध में गलत बयान दिये हैं उन लोगों पर कार्यवाही की जाए.

छात्रों ने आरोप लगाया कि सुरेश गोड़, दीन बंधु गौड़, नन्द‌किशोर गोचर, चंदू गौड़, सरपंच महावीर सिंह, महावीर सुमन, जोधराज नागर, चन्द्रकला गौड़, ज्योति गोचर, यश गोचर, तुषार चौपदार, अंकुश चौपदार, हिमांशु गोचर, कुसान्त गौड़, अनिता गौड़, कुलवन्त गौड़ आदि का हमारे सर और शिक्षिका को फसाने में इन सभी का हाथ है.

शिक्षकों का निलंबन वापस लेने की मांग

छात्रों ने मांग की है कि इन सभी पर FIR दर्ज कर कार्यवाही की जाये. बच्चों ने तहसीलदार से मांग की है कि जल्द से जल्द हमारे सर फिरोज़ ख़ान, मिर्ज़ा मुजाहिद, शबाना मैडम को वापिस लाया जाये. उनके ऊपर लगे सभी झूठे आरोपों को हटाया जाय.

विद्यालय में कार्यरत प्रिंसिपल, सभी शिक्षकों, एसएमसी अध्यक्ष, वार्ड पंच आदि ने भी शिक्षकों पर लगाए आरोपों को झूठा और बेबुनियाद बताया है.

वरिष्ठ अध्यापक सुमनलता मीणा ने जाँच अधिकारी सांगोद को लिखित में अवगत करवाया है कि स्थानीय विद्यालय में रा.उ.मा.वि. खजूरी ओदपुर में हिन्दू और मुसलमान धर्म के विद्यार्थी पढ़ते हैं, लेकिन विद्यालय स्टाफ के किसी भी सदस्य द्वारा बच्चों को लव जिहाद की शिक्षा नहीं दी जाती है. विद्यालय में किसी भी प्रकार का धार्मिक आयोजन या गतिविधि संचालित नहीं की जाती है.

अध्यापिका रानू कुमारी ने जांच अधिकारी को बताया है कि रा. उ. मा. वि. खजूरी ओदपुर में हिन्दू व मुसलमान धर्म के विद्यार्थी पढ़ते हैं.

उन्होंने बताया कि स्टाफ के किसी भी सदस्य द्वारा बच्चों को न तो धर्मान्तरण के लिए उकसाया जाता है और ना ही लव जिहाद की शिक्षा दी जाती है। अर्थात् विद्यालय में किसी भी प्रकार का धार्मिक आयोजन या गतिविधि संचालित नहीं की जाती है।

वरिष्ठ अध्यापक सुरेन्द्र कुमार मीणा ने जांच अधिकारी सांगोद को लिखित में बताया है कि रा.उ. मा. वि. खजूरी ओदपुर विद्यालय में लव जिहाद एवं धर्मान्तरण सम्बन्धित किसी भी प्रकार का कोई कार्य नहीं हुआ है। यहां पर केवल पढ़ाई से सम्बन्धित गतिविधि ही करवायी जाती है.

शिक्षकों पर लगाये गए आरोप बेबुनियाद हैं

स्कूल के प्रधानाचार्य डॉ कमलेश कुमार बैरवा ने जांच अधिकारी सांगोद को लिखित में बताया है कि विद्यालय एवं कर्मचारियो के प्रति जो शिकायत प्राप्त हुई है जिनमें अध्यापक के द्वारा धर्म परिवर्तन, लव जिहाद और नमाज पढ़ान वाली आदि शिकायते झूठ हैं.

उन्होंने कहा है कि आवेदन फॉर्म में जो विद्यार्थी के धर्म परिवर्तन की शिकायत प्राप्त हुई है. वह मानवीय भूल में हुआ है. उस फोर्म में विद्यार्थी के पिता के भी हस्ताक्षर हैं. एवं SR रजिस्टर में विद्याथी का धर्म व जाति सही अंकित है. विद्यालय में नमाज़ नहीं पढ़ाई जाती है. यह विद्यालय सरकारी आदेश अनुसार ही चलाया जाता है.

निलंबित शिक्षक फिरोज़ ख़ान ने जांच अधिकारी CBEO सांगोद को लिखित में बताया कि मुस्कान पुत्री बलराम ने वर्ष 2019-20 में विद्यालय कक्षा दस में प्रवेश लिया था. प्रवेश फॉर्म भरते समय धर्म के कॉलम में मानवीय भूल की वजह से हिंदू कि जगह इस्लाम लिख दिया गया था.

सत्र 2019-20 में विद्यालय में तीन छात्रा मुस्कान पुत्री निजाम, मुस्कान पुत्री बलराम, और मुस्कान बानो पुत्री शौकत अली कक्षा में अध्ययनरत थी, प्रवेश फॉर्म में मानवीय गलती से सभी का धर्म इस्लाम लिख दिया गया. जबकि विद्यालय के S.R. रजिस्टर के मुस्करान पुत्री बलराम की जाति गोड और धर्म हिन्दू दर्ज है.

निलंबित शिक्षिका शबाना ने जाँच अधिकारी CBEO सांगोद को बताया कि मैं राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय खजूरी ओदपुर में अध्यापिका लेवल 2 अंग्रेजी विषय के पद पर कार्यरत हूँ. मेरा विद्यालय में किसी भी धार्मिक गतिविधि में योगदान नहीं है और ना ही में किसी प्रकार का धार्मिक कार्य बालकों को सिखाती हूँ. मेरा विद्यालय में मात्र अंग्रेजी शिक्षण का कार्य है और मैं अपना कार्य उचित तरीके से कर रही हूँ.

अध्यापिका वंदना कलोशिया ने जाँच अधिकारी ACBEO सांगोद को लिखित में बताया कि राजकीय उच्च माध्यामिक विद्यालय खजूर ओदपुर में सभी धर्म के बच्चे पढ़ते है तथा किसी भी बच्चे को धर्म रुपान्तरण के लिए उकसाया नहीं जाता है. ना ही लव जिहाद की शिक्षा दी जाती है. यहाँ सभी बच्चों को समान रूप से शिक्षा दी जाती है. विद्यालय में किसी भी प्रकार का धार्मिक आयोजन या गतिविधि संचालित नहीं है की जाती है.

वरिष्ठ अध्यापक रविंद्र कुमार वर्मा ने जांच अधिकारी को बताया कि विद्यालय में बच्चों को धर्मांतरण और लव जिहाद तो शिक्षा नहीं दी जाती है. विद्यालय में कोई धार्मिक गतिविधि नहीं करवाई जाती है.

अध्यापक दीपक नकवाल ने जांच अधिकारी को बताया कि विद्यालय के शिक्षकों फिरोज खान, मिर्जा मुजाहिद और शबाना पर जो जिहाद एवं धर्मांतरण के जो आरोप लगाए गए हैं वो निराधार और झूठे हैं. इनके द्वारा किसी प्रकार की कोई को गतिविधी विद्यालय में नहीं करवाई गई है.

वार्ड पंच सुरेश कुमार ने जांच अधिकारी को बताया कि विद्यालय के अध्यापकों के लिये ग्रामवासियों के द्वारा विद्यालय में लव जिहाद तथा धर्मान्तरण की जो शिकायत प्राप्त हुई है ऐसा कुछ कभी हमने नहीं देखा. 26 जनवरी को जो कार्यक्रम हुआ उसमें भी ऐसा कुछ नहीं है. हमारी देख रेख में विद्यालय की गतिविधियाँ सुचारू रूप से चल रही है.

School Management Committee (SMC) अध्यक्ष लोकेश कुमार गोचर ने जांच अधिकारी को बताया कि विद्यालय तथा अध्यापकों के लिए ग्रामवासियों के द्वारा जो शिकायत प्राप्त हुई है जैसे विद्यालय में नमाज पढ़वाना व धर्मांतरण के बारे में, मैंने कभी विद्यालय में ऐसा कुछ नहीं देखा है.

उन्होंने कहा, 26 जनवरी 2024 को सर्वधर्म सद्भाव का नाटक किया गया था जिससे कोई आपत्ती नहीं है. नाटक में सभी धर्म के प्रति सद्भावना दिखाई गई थी. मेरी देख रेख के हिसाब से विद्यालय में दिन- प्रतिदिन की होने वाली गतिविधियां सुचारू रूप से चल रही है.

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