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Saturday, April 13, 2024
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राजस्थान : धर्मांतरण का आरोप लगाकर मुस्लिम शिक्षकों पर कार्रवाई, छात्रों ने किया प्रदर्शन

-रहीम ख़ान

जयपुर | भारतीय जनता पार्टी ने राजस्थान में सरकार बनने के बाद से ही अपने विभाजनकारी एजेंडे पर काम करना शुरू कर दिया है. ताज़ा मामला कोटा का है जहां धर्मांतरण का आरोप लगाकर मुस्लिम शिक्षकों को निशाना बनाते हुए निलंबित कर दिया है.

कोटा ज़िले में धर्मांतरण, “लव जिहाद” और प्रतिबंधित संगठनों के साथ संबंध के आरोप में दो मुस्लिम शिक्षकों को निलंबित कर दिया है और एक महिला शिक्षिका के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की है.

यह कार्रवाई राज्य के शिक्षा मंत्री दिलावर ने हिन्दुत्ववादी संगठनों के दबाव में की है. हालांकि छात्रों द्वारा इस कार्रवाई का विरोध किया जा रहा है.

एक जन सुनवाई कार्यक्रम में स्थानीय कट्टरपंथी हिंदू संगठन, सर्व हिंदू समाज द्वारा शिक्षा मंत्री दिलावर को ज्ञापन सौंपे जाने के बाद कोटा ज़िले के सांगोद ब्लॉक के खजुरी ओडपुर गांव में सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में तैनात शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया गया.

कट्टरपंथी हिंदू संगठन ‘सर्व हिंदू समाज’ ने दिया था ज्ञापन

कोटा जिले में सांगोद के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय खजूरी ओदपुर में कार्यरत तीन मुस्लिम शिक्षकों पर धर्म परिवर्तन और लव जिहाद का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज करने की मांग को लेकर बुधवार 21 फरवरी को सांगोद के सर्व हिंदू समाज ने उपखंड अधिकारी को शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन दिया था.

इस दौरान हिंदू समाज के लोग मुख्य मार्ग से होकर मिनी सचिवालय पहुंचे और यहां प्रदर्शन किया. इस मौके पर बजरंगदल के प्रांत संयोजक योगेश रेनवाल व महाराज रामदास लटूरी ने चेतावनी देते हुए कहा कि इस मामले में कार्रवाई नहीं होने पर गुरुवार को स्कूल के ताला लगाकर ऐसे शिक्षकों के खिलाफ प्रदर्शन किया जाएगा.

इस मामले को लेकर सर्व हिंदू समाज का एक प्रतिनिधिमंडल शिक्षा मंत्री मदन दिलावर से भी मिला था. इस पर मंत्री दिलावर ने हिंदू समाज के लोगों को आश्वासन दिया कि इस मामले में शीघ्र कार्रवाई की जाएगी.

क्या है हिन्दू संगठनों का आरोप ?

गुरुवार को स्कूल के ताला लगाने का कार्यक्रम कुछ दिनों के लिए स्थगित कर दिया गया. जिला मंत्री बनवारी गौड़ ने आरोप लगाते हुए कहा कि विद्यालय में वर्ष 2019 में एक हिंदू छात्रा के प्रवेश फॉर्म में धर्म के कॉलम में इस्लाम लिखा गया था. उक्त छात्रा का बाद में मुस्लिम छात्रों ने अपहरण भी कर लिया था, जिसका मुकदमा सांगोद थाने में दर्ज है.

ग्रामीणों का आरोप है कि खजूरी ओदपुर स्थित सरकारी स्कूल में शिक्षक बच्चों को उनके धर्म से विपरीत दूसरे धर्म के धार्मिक पाठ पढ़ाते हैं. साथ ही कई अन्य गतिविधियां भी करवाते हैं. इस मामले को लेकर विश्व हिंदू परिषद ने कुछ दिनों से आंदोलन और मोर्चा भी खोला हुआ है.

स्कूल प्रधानाध्यापक डॉ. कमलेश बैरवा ने आरोपों को बेबुनियाद बताया

खजूरी स्कूल के शिक्षकों के खिलाफ लगाए जा आरोपों पर स्कूल के प्रधानाध्यापक डॉ. कमलेश बैरवा ने स्कूल के मुस्लिम समाज के शिक्षकों पर लगाए जा रहे आरोपों को बेबुनियाद बताया है.

स्कूल के प्रधानाध्यापक डॉ. कमलेश बैरवा ने कहा कि, “दरअसल गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान छात्र-छात्राओं ने एक सर्व धर्म से संबंधित नाटक का मंचन किया था. इस कार्यक्रम में सरपंच सहित अन्य गणमान्य नागरिक भी मौजूद थे. इस नाटक के मंचन की सभी ने सराहना की थी इसलिए 31 जनवरी के वार्षिकोत्सव समारोह में भी इस नाटक को बालकों ने पेश किया था.”

उन्होंने कहा कि, “अगर कोई आपत्तिजनक बात बात होती तो उसी समय मामला तूल पकड़ लेता. बाद में इसी को मुद्दा बनाकर कुछ लोग स्कूल की छवि को खराब करने की कोशिश कर रहे हैं. अगर कुछ गलत है तो निष्पक्ष जांच कराकर दोषी शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए.”

प्रधानाध्यापक ने कहा कि, “कुछ दिन से गांव की एक युवती के अपहरण का मामला भी सुर्खियों में था, जबकि स्कूल प्रशासन का इसमें कोई लेना-देना नहीं था. इसीलिए मामले ने तूल पकड़ लिया है.”

शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने की कार्रवाई

इस पूरे मामले पर राज्य के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि, स्कूल में धर्मांतरण, एक छात्रा के धर्म को बदलकर लिखने और स्टूडेंट्स को जबरन नमाज़ पढ़वाने की शिकायत मिली थी. मामले में दो टीचरों को निलंबित कर दिया है. एक महिला टीचर पर भी कार्रवाई की जा रही है. तीनों को बीकानेर मुख्यालय में उपस्थिति के निर्देश जारी कर दिए हैं.

स्थानीय लोगों ने 20 फरवरी को शिक्षा मंत्री को ज्ञापन के माध्यम से बताया था कि सांगोद थाना क्षेत्र के खजूरी ओदपुर गांव में सरकारी स्कूल है. इस स्कूल के तीन टीचर शबाना, फ़िरोज़ और मिर्ज़ा मुजाहिद बच्चों पर नमाज पढ़ने का दबाव बनाते हैं.

आरोप लगाया गया कि मना करने पर मुस्लिम शिक्षकों द्वारा भविष्य खराब करने की धमकी दी जाती है. इस पर शिक्षा विभाग ने एक्शन लेते हुए गुरुवार (22 फरवरी) को फिरोज़ ख़ान और मिर्ज़ा मुजाहिद को निलंबित करने का आदेश जारी किया था.

शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि, स्कूल में धर्मांतरण का मामला सामने आया है. इस पर सख्त एक्शन लिया जाएगा. साथ ही पूरी जांच करवाई जा रही है. अगर जांच में आरोपी शिक्षक दोषी पाए जाते हैं तो फिर उन्हें बर्खास्त किया जाएगा.

क्या है मामले की सच्चाई ?

ग्रामीणों का कहना है कि मुस्लिम शिक्षकों पर लगाए जा रहे आरोप बेबुनियाद है. शिक्षक फिरोज़ ख़ान पर बीएलओ की ज़िम्मेदारी भी है, विधानसभा चुनाव के समय कुछ लोगों के नाम मतदाता सूची से कट गए थे, इस वजह से कुछ लोग उनसे नाराज़ होकर उन पर झूठे आरोप लगा रहे हैं.

ग्रामीणों ने बताया कि, स्कूल के गणतंत्र दिवस समारोह और वार्षिकोत्सव में एक सर्व धर्म नाटक का मंचन किया गया था जिसमें विद्यार्थियों ने अलग अलग धर्म के लोगों के रोल को निभाया था. नाटक में सभी धर्मों की पूजा पद्धति का मंचन किया गया था.

आरोप है कि कुछ लोग उस नाटक में से सिर्फ नमाज़ पढ़ने वाले दृश्य को वायरल कर के इस तरह का आरोप लगा रहे हैं कि स्कूल में नमाज़ पढ़ाई जाती है जो की बेबुनियाद है.

ग्रामीणों ने यह भी बताया कि कुछ दिन पहले गांव की ही मुस्कान नाम की हिंदू लड़की ने अपनी मर्ज़ी से मुस्लिम लड़के से शादी कर ली थी, उस लड़की के परिजन इस मुद्दे को ज्यादा तूल दे रहें हैं जबकि मुस्कान तो उस स्कूल में पढ़ती भी नही है और ना ही स्कूल के शिक्षकों का इस मामले से कोई लेना देना है.

हिंदू छात्रा मुस्कान के प्रवेश फॉर्म में धर्म इस्लाम लिखने का आरोप

मुस्लिम शिक्षकों पर हिंदू छात्रा मुस्कान के प्रवेश फॉर्म में धर्म इस्लाम लिखने का आरोप भी लगाया जा रहा है जबकि उक्त हिन्दू छात्रा ने शिक्षकों पर लगाए गए आरोप को बेबुनियाद बताया है.

2019 में मुस्लिम शिक्षकों द्वारा स्कूल की हिंदू छात्रा मुस्कान के प्रवेश फॉर्म में धर्म इस्लाम लिखने के आरोप पर छात्रा मुस्कान ने शपथ पत्र देकर यह बात कही है कि प्रवेश पत्र में धर्म उसने ही गलती से लिख दिया था उसमें शिक्षकों की कोई गलती नहीं है.

स्कूल के छात्र छात्राएं और उनके अभिभावक स्कूल शिक्षकों के समर्थन में भी प्रदर्शन कर रहे हैं, उनका कहना है कि तीनों शिक्षक निर्दोष है. कुछ दिन पहले जिन स्टूडेंट्स ने शिक्षकों पर आरोप लगाया था उनमें से भी कुछ स्टुडेंट्स का कहना है कि यह सब हमसे दबाव बनाकर जबरदस्ती कहलवाया गया था.

ग्रामीणों ने बताया कि स्कूल में 15 शिक्षकों का स्टाफ है जिसमें सिर्फ 3 मुस्लिम शिक्षक है, स्कूल में धर्म विशेष की धार्मिक गतिविधियां करवाने की बात पूरी तरह से झूठ है. इस तरह के झूठे आरोप लगाने से स्कूल में पढ़ाई का माहौल खराब हो रहा है और साथ में गांव की बदनामी भी हो रही है.

खजूरी के निलंबित शिक्षकों की बहाली को लेकरे छात्र-छात्राओं ने चक्काजाम किया

राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय खजूरी ओदपुर के निलंबित किए गए शिक्षकों को वापस स्कूल में लगाने की मांग को लेकर शनिवार को छात्र-छात्राओं ने सांगोद-झालावाड़ मार्ग पर चक्काजाम करके प्रदर्शन किया है.

इसके बाद अधिकारी हरकत में आए और डीएसपी, एसएचओ, तहसीलदार, मुख्य जिला शिक्षाधिकारी, सीबीईओ ने आकर प्रदर्शनकारी छात्र- छात्राओं से समझाया.

गौरतलब है कि गुरुवार को राउमावि खजूरी ओदपुर के शिक्षक फिरोज खान व शारीरिक शिक्षक मिर्जा मुजाहिद खान को अनैतिक कार्यों में लिप्त होने की शिकायत के बाद निलंबित करके उनका मुख्यालय बीकानेर कर दिया था.

शिक्षिका, शबाना को दूसरे दिन निलंबित कर दिया. इससे क्षुब्ध होकर शनिवार को कई छात्र-छात्राएं प्रार्थना सभा में शामिल नहीं होकर बाहर ही रहे.

प्रधानाध्यापक कमलेश बैरवा स्कूल आए तो उन्होंने उनसे अंदर आने को कहा. इस पर विद्यार्थी प्रार्थना में शामिल होकर वापस बाहर निकल आए. ग्रामीणों की शिकायत पर भेदभावपूर्ण कार्रवाई का आरोप लगाया.

छात्र इन शिक्षकों का निलंबन रद्द कर उन्हें वापस स्कूल में लगाने की मांग कर प्रदर्शन करने लगे.

विद्यार्थियों के प्रदर्शन को देख अभिभावक भी आ गए. प्रिसिंपल ने अभिभावकों से उन्हें समझाने को कहा, लेकिन वे नहीं माने. बाद में उन्होंने सांगोद झालावाड़ मार्ग पर चक्काजाम लगा दिया.

उन्होंने तहसीलदार को ज्ञापन देकर अपनी मांगें बताई। उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूल के शिक्षकों पर अनैतिक कामों में लिप्त होने की शिकायत कुछ ग्रामीणों व संगठनों ने की थी.

विद्यार्थियों ने बताया कि इसी गांव के कुछ लोग विद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों को खत्म करना चाहते हैं। इस स्कूल के शिक्षक फिरोज खान व शारीरिक शिक्षक मुजाहिद खान का निलंबन बहाल करके उन्हें वापस यहां लगाना चाहिए।

छात्रों का कहना है कि शिक्षिका शबाना ने हाल ही में स्कूल ज्वॉइन किया है, उनका क्या कसूर है. विद्यार्थियों ने चेतावनी दी है कि हमारी मांगें पूरी नहीं हुई तो उग्र प्रदर्शन किया जाएगा.

कट्टरपंथी हिंदू संगठन के ज्ञापन पर हुई कार्रवाई

खजरी ओदपुर स्कूल के शिक्षकों पर अनैतिक कामों में लिप्त होने की शिकायत कुछ ग्रामीणों व हिंदू संगठनों ने की थी और मुस्लिम शिक्षकों को यहां से हटाने की मांग को थी.

गुरुवार को जिला शिक्षाधिकारी की जांच रिपोर्ट के बाद दो शिक्षकों को निलंबित कर दिया था. अब स्कूल के विद्यार्थी निलंबन रद्द करने की मांग कर रहे हैं. शनिवार को विद्यार्थियों ने पूरा दिन चक्काजाम कर विरोध प्रदर्शन किया.

स्कूल के प्रिंसिपल कमलेश बैरवा ने बताया कि खजूरी ओदपुर स्कूल के दोनों शिक्षकों को वापस यहां लगाने की मांग को लेकर शनिवार को कुछ विद्यार्थियों ने सांकेतिक प्रदर्शन किया था.

बाद में समझाइश करके उन्हें स्कूल में बुला लिया था। मुख्य जिला शिक्षाधिकारी चारू मित्रा, सीबीईओ सांगोद रामावतार रावल ने भी जानकारी मिलने के बाद स्कूल में विद्यार्थियों से बातचीत की थी।

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