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Monday, July 15, 2024
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शिवराज सिंह बने कृषि मंत्री, संयुक्त किसान मोर्चा ने जताया विरोध, कहा- ‘किसानों की हत्या का ज़िम्मेदार’

इंडिया टुमारो

नई दिल्ली | भारत में हाल ही में संपन्न हुए लोकसभा चुनावों के बाद नेताओं को मंत्रालय दिए जाने का दौर चल रहा है. मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को एनडीए सरकार में केंद्रीय कृषि एवं किसान मंत्रालय आवंटित किया गया है.

संयुक्त किसान मोर्चा ने एनडीए सरकार के इस फैसले पर आपत्ति जताई है. मध्य प्रदेश के मंदसौर में 6 जून 2017 को किसान आंदोलन के दौरान पुलिस की फायरिंग में छह किसानों की मौत हो गई थी.

संयुक्त किसान मोर्चा के अनुसार इस फायरिंग के ज़िम्मेदार राज्य के तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान है.

मंदसौर गोलीकांड

गौरतलब है कि मंदसौर में 6 जून 2017 को हुए किसान आंदोलन के दौरान फायरिंग में पांच किसानों की मौत हो गई थी. फसलों के उचित दाम और कृषि ऋण माफी की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों पर गोलियां चलाई गई थी.

इस फायरिंग की घटना के बाद पूरे प्रदेश में तनाव की स्थिति पैदा हो गई थी. प्रदर्शन कर रहे किसानों पर फायरिंग के बाद ज़िले के 13 थाना क्षेत्रों में उपद्रव, तोड़फोड़ के मामलों में लगभग 100 प्रकरण दर्ज हुए थे.

इन दर्ज मामलों में 351 को नामज़द आरोपी बनाया गया था तथा 81 व्यक्तियों की गिरफ्तारी की गई थी. इस मामले में करीब 3 हज़ार अज्ञात लोगों पर भी मामले दर्ज किए गए थे.

राज्य सरकार ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए तत्कालीन कलेक्टर, एसपी और सीएसपी को भी निलंबित कर दिया था.

रिपोर्टों के मुताबिक, संयुक्त किसान मोर्चा ने अपने बयान में कहा  है, “एसकेएम 6 जून 2017 को मंदसौर के छह किसानों की हत्या के लिए ज़िम्मेदार शिवराज सिंह चौहान को केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय आवंटित करने के एनडीए नेतृत्व के फैसले का कड़ा विरोध करता है.”

संयुक्त किसान मोर्चा जो कि किसानो के विभिन्न संगठनों का प्रतिनिधित्व करता, ने कहा कि यह फैसला भाजपा सरकार द्वारा प्रदर्शित अहंकार और असंवेदनशीलता का प्रतीक है. इसने देश भर के किसानों और ग्रामीण लोगों में रोष पैदा कर दिया है.

फिलहाल शिवराज सिंह चौहान के कार्यालय ने संयुक्त किसान मोर्चा की इस आपत्ति पर कोई प्रतिक्रिया वयक्त नहीं की.

मंदसौर फायरिंग की घटना के बाद जिन अधिकारियो को निलंबित किया गया था उन सभी को दुबारा बहाल कर दिया गया था. गोलीकांड की जांच के लिए सेवानिवृत्त जज जेके जैन की अध्यक्षता में एक आयोग का गठन किया गया था.

जेके जैन आयोग ने अपनी जांच रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपी थी. आयोग ने अपनी जांच में सभी संबंधित अधिकारियों को सीधे दोषी न मानते हुए मामले में क्लीनचिट दे दी थी.

जांच आयोग ने अपनी रिपोर्ट में लिखा था कि गोली चलाना परिस्थितियों के मुताबिक ज़रूरी और न्यायसंगत था.

हालांकि उस घटना में प्रभावित हुए किसानों को इंसाफ और उचित मुआवज़ा अभी तक नहीं मिला है और ना ही उनकी वो मांगे मानी गई जिसके लिए किसान प्रदर्शन कर रहे थे.

संयुक्त किसान मोर्चा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गठित एनडीए सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि इसकी पहली कैबिनेट बैठक में ‘तीव्र कृषि संकट और किसानों की आत्महत्याओं को दूर करने, किसानों की लंबे समय से लंबित मांगों जैसे कि गारंटीकृत एमएसपी, व्यापक ऋण माफी, बिजली के निजीकरण को निरस्त करने, उत्पादन लागत में कमी और सुनिश्चित बीमा और पेंशन को पूरा करने के लिए कोई निर्णय नहीं लिया गया है.”

शिवराज सिंह चौहान को हाल ही में संपन्न हुए लोकसभा चुनाव  विदिशा से जीतने के बाद उन्हें एनडीए सरकार ने कृषि विभाग आवंटित किया है, यह विभाग चौहान को अपने गृह राज्य मे कृषि क्षेत्र में उनके योगदान के लिए दिया गया है. चौहान को ग्रामीण विकास विभाग भी आवंटित किया गया है.

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