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Monday, July 15, 2024
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‘रफा नरसंहार’: इज़राईल ने रफा में विस्थापितों के शिविर पर की भारी बमबारी, 45 लोगों की मौत

–मसीहुज़्ज़मा अंसारी

नई दिल्ली | इज़रायल ने गज़ा पट्टी के सबसे दक्षिणी शहर रफा में रविवार को विस्थापितों के शिविर और घरों पर भारी बमबारी की जिसमें 45 फिलिस्तीनी मारे गए. गज़ा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि मृतकों में अधिकतर महिलाएं और बच्चे शामिल हैं.

सोमवार को यहां अधिकारियों ने कहा कि इज़राइली हवाई हमले में गज़ा के रफा शहर में एक टेंट कैंप में भीषण आग लग गई, जिसमें 45 लोगों की मौत हो गई.

इस घटना को लेकर दुनियाभर के उन नेताओं ने नाराज़गी जताई है, जिन्होंने इज़राइल के हमले को रोकने के लिए अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय के फैसले को लागू करने का आग्रह किया था.

कई देशों और वैश्विक संगठनों ने गज़ा के दक्षिणी शहर रफाह में विस्थापित लोगों के लिए बने अस्थायी टेंट और घरों पर इज़रायली हवाई हमले की निंदा की है, जिसमें कई बच्चों सहित कम से कम 40 फिलिस्तीनियों की मौत हुई.

फिलिस्तीनी राष्ट्रपति ने सोमवार को इज़रायल पर जानबूझकर नागरिकों को निशाना बनाने का आरोप लगाया, हमले के बाद दुनिया भर में इस कृत्य की निंदा की गई.

एक्स पर एक बयान में, संयुक्त राष्ट्र फिलिस्तीनी शरणार्थी एजेंसी (यूएनआरडब्ल्यूए) ने कहा कि रफा की तस्वीरें बयान कर रही हैं कि गज़ा को “पृथ्वी पर नरक” बना दिया गया है.

अल-जज़ीरा की ख़बर के अनुसार, हमास के वरिष्ठ अधिकारी सामी अबू जुहरी ने हमले को “नरसंहार” क़रार दिया है. बयान में इज़रायल की हथियारों और आर्थिक मदद के द्वारा सहायता करने के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका को ज़िम्मेदार ठहराया गया.

अंतर्राष्ट्रीय विरोध के बाद घिरे इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि एक “दुखद गलती” हुई. नेतन्याहू ने इज़राइली संसद को संबोधित करते हुए कहा, “निर्दोष नागरिकों को नुकसान नहीं पहुंचाने के हमारे पूरे प्रयासों के बावजूद कल रात एक दुखद गलती हुई. हम घटना की जांच कर रहे हैं और एक नतीजे तक पहुंचेंगे क्योंकि यह हमारी नीति है.

फिलिस्तीनी प्रत्यक्षदर्शियों और अल जज़ीरा की फैक्ट चेकिंग एजेंसी सनद ने कहा कि, रफ़ाह के ताल-अस-सुल्तान इलाके में नागरिकों को आश्रय देने वाले शिविर को जानबूझकर निशाना बनाया गया.

समाचार एजेंसी वफा ने फिलिस्तीन रेड क्रीसेंट सोसाइटी (पीआरसीएस) का हवाला देते हुए कहा कि, मृतकों में महिलाएं और बच्चे शामिल हैं, जिनमें से कई अपने टेंट के अंदर “जिंदा जल गए”.

टीआरटी वर्ल्ड की रिपोर्ट के अनुसार, चिकित्सा सूत्रों और अधिकारियों ने कहा कि इज़राइल ने दक्षिणी गज़ा शहर रफा में विस्थापित लोगों के एक शिविर और उनके घरों को निशाना बनाया, जिसमें कम से कम 45 लोग मारे गए और दर्जनों घायल हो गए.

फ़िलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “कल राफ़ा नरसंहार में 45 शहीद हो गए, जिनमें 23 महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग शामिल थे. इस हमले में 249 अन्य घायल हुए हैं.”

गज़ा मीडिया कार्यालय ने रविवार को कहा कि यह हमला टाल अल सुल्तान में फिलिस्तीनी शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र एजेंसी (यूएनआरडब्ल्यूए) के लॉजिस्टिक बेस के पास हुआ.

मीडिया कार्यालय ने कहा कि इज़रायली विमानों ने इलाके में कई तंबुओं को निशाना बनाया और मिसाइलों और 2,000 पाउंड के बमों का इस्तेमाल किया गया.

इससे पहले, गज़ा के नागरिक सुरक्षा बल ने कहा था कि उसने बमबारी के बाद मृतकों और घायलों सहित 50 लोगों को अस्पताल पहुंचाया. बयान में कहा गया है कि इज़रायल द्वारा निशाना बनाए गए इस क्षेत्र में कम से कम 100,000 विस्थापित लोग रहते हैं.

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमले के कारण इलाके में आग लग गई जिससे कैम्प में आग लग गई.

एक फिलिस्तीनी चिकित्सक ने अनादोलु समाचार एजेंसी को बताया, “हमने इज़रायली बमबारी से बड़ी संख्या में शहीद बच्चों को निकाला, जिनमें एक बिना सिर वाला बच्चा भी था और वे बच्चे भी शामिल हैं जिनके शरीर टुकड़ों में बदल गए हैं.”

मीडिया कार्यालय ने अपने बयान में अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय का हवाला देते हुए कहा, “राफा नरसंहार इजरायल की ओर से आईसीजे और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को एक स्पष्ट संदेश है कि गज़ा में नागरिकों के खिलाफ हमले जारी हैं.”

कार्यालय ने आगे कहा कि गाजा में विस्थापित लोगों के लिए इजरायली सेना द्वारा 10 से अधिक आश्रय स्थलों को निशाना बनाए जाने के कारण पिछले 24 घंटों में कम से कम 190 फिलिस्तीनी मारे गए और सैकड़ों घायल हुए हैं.

सेना ने पहले राफा में जिस शिविर पर बमबारी की थी, उसकी पहचान “सुरक्षित क्षेत्र के भीतर” के रूप में की थी, जहां विस्थापित लोगों से जाने का आग्रह किया गया था.

इज़रायली सेना ने रविवार देर रात स्वीकार किया कि रफ़ा पर किए गए हमले में नागरिक हताहत हुए थे.

सेना ने एक बयान में दावा किया कि, “हाल ही में, विमानों ने राफा में हमास के एक परिसर पर हमला किया.”

नरसंहार के बाद, इज़रायली युद्धक विमानों ने शहर में दो घरों पर बमबारी की जिसके परिणामस्वरूप पांच लोग मारे गए और कई घायल हुए.

फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध समूह हमास ने बमबारी की निंदा की है जिसमें कहा गया, “थोड़ी देर पहले राफा में इज़राइल द्वारा किया गया भीषण नरसंहार आईसीजे के फैसले के लिए एक बड़ी चुनौती, पूर्ण अवहेलना और अवज्ञा है, जिसने उससे रफा पर अपनी आक्रामकता रोकने की मांग की थी.”

हमास ने बयान में कहा है कि, “हम अमेरिकी प्रशासन और विशेष रूप से राष्ट्रपति (जो) बिडेन को इस नरसंहार के लिए पूरी तरह से जिम्मेदार मानते हैं, जिसे ज़ायोनी इकाई ने अमेरिकी समर्थन और रफा पर आक्रमण करने की हरी झंडी के बिना नहीं किया होगा, बावजूद इसके कि यह विस्थापित नागरिकों से भरा हुआ है.”

पिछले साल 7 अक्टूबर को हमास द्वारा किए गए सीमा पार हमले के बाद से इज़रायल ने गज़ा में लगभग 36,000 फिलिस्तीनियों को मार डाला है जिनमें ज्यादातर महिलाएं और बच्चे हैं.

अमानवीय हमलों ने 2.3 मिलियन लोगों की आबादी वाले अधिकांश इलाके को खंडहर में बदल दिया है, जिससे अधिकांश नागरिक बेघर हो गए हैं और अकाल का खतरा पैदा हो गया है.

यह हमला अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय के उस फैसले के बावजूद हुआ है, जिसमें इज़राइल को रफा में अपने आक्रमण को रोकने का आदेश दिया गया था, जहां 6 मई को आक्रमण से पहले दस लाख से अधिक फिलिस्तीनियों ने युद्ध से शरण मांगी थी.

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