https://www.xxzza1.com
Sunday, June 23, 2024
Home देश गुजरात हाईकोर्ट का राजकोट गेमिंग ज़ोन में लगी आग पर स्वत: संज्ञान,...

गुजरात हाईकोर्ट का राजकोट गेमिंग ज़ोन में लगी आग पर स्वत: संज्ञान, कहा ‘मानव निर्मित आपदा’

इंडिया टुमारो

नई दिल्ली | गुजरात हाईकोर्ट ने राजकोट के एक गेमिंग ज़ोन में आग लगने की घटना को गंभीरता से लेते हुए स्वत: संज्ञान लिया है और रविवार को घटना पर एक विशेष सुनवाई की. इस भयावह हादसे में कम से कम 27 लोगों की मौत हो गई.

जस्टिस बीरेन वैष्णव और जस्टिस देवन एम. देसाई की पीठ ने मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए कहा कि प्रथम दृष्टया यह एक मानवीय आपदा घटित हुई, जिसमें निर्दोष लोगों की जान चली गई.

लाइव लॉ. के अनुसार कोर्ट ने कहा, “प्रथम दृष्टया, एक मानव निर्मित आपदा हुई है, जहां मासूम बच्चों की जान चली गई और परिवार आज अपने-अपने परिवारों की जान जाने से दुखी हैं.”

ज्ञात हो कि गुजरात के राजकोट में शनिवार को गेमिंग ज़ोन में आग लग गई, जिसमें नौ बच्चों सहित कम से कम 27 लोगों की मौत हो गई.

रिपोर्ट के अनुसार आग ने टीआरपी गेम ज़ोन की दो मंजिला इमारत को अपनी चपेट में ले लिया जिसमें गर्मी की छुट्टियों और रविवार के अवकाश की भीड़ के कारण लगभग 300 लोग थे. इस भीड़ में अधिकतर बच्चे थे.

इस मामले में चल रही जांच में यह तथ्य सामने आया है कि गेम जोन के पास अग्नि संबंधी अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) भी नहीं थी. प्रशासन ने इस मामले में राजकोट पुलिस के एक अधिकारी को निलंबित किया है. निलंबित किए गए अधिकारी पर आरोप है कि उसने बिना जांच किए टीआरपी गेम जोन का लाइसेंस रिन्यू किया था.

अब तक इस मामले में अलग-अलग विभाग से पांच अधिकारियों को निलंबित किया गया है. इसमें म्युनिसिपल टाउन प्लानर, सिटी इंजीनियर, डिप्यूटी इंजीनियर ऑफ रोड कंस्ट्रक्शन डिपार्टमेंट और दो पुलिस अधिकारी शामिल हैं.

जस्टिस बीरेन वैष्णव और जस्टिस दीवान एम.देसाई की खंडपीठ ने कहा, “ऐसे गेम जोन/मनोरंजक सुविधाओं का निर्माण करने के अलावा, उन्हें अखबार की रिपोर्ट के माध्यम से हमारी जानकारी के अनुसार, बिना अनुमति के उपयोग में लाया गया. प्रथम दृष्टया, मानव निर्मित आपदा हुई, जहां बच्चों की निर्दोष जान चली गई है और परिवारों ने आज अपने-अपने परिवारों में हुई जान के नुकसान पर शोक व्यक्त किया.”

न्यायालय ने उन समाचार रिपोर्टों पर आश्चर्य व्यक्त किया जो संकेत देती हैं कि गेमिंग ज़ोन ने अवैध मनोरंजक गतिविधियों के निर्माण के लिए अपना मार्ग प्रशस्त करने के लिए गुजरात व्यापक सामान्य विकास नियंत्रण विनियम (सीजीडीसीआर) में खामियों का फायदा उठाया होगा.

इसमें इस बात पर ध्यान दिया गया कि कुछ गुजराती अखबारों के अनुसार, गेमिंग जोन ने अनुमति लेने में तकनीकी कठिनाइयों को दूर करने के लिए अस्थायी टिन संरचनाएं बनाई थीं.

इसके अतिरिक्त, न्यायालय ने कहा कि ऐसे गेमिंग जोन, राजकोट शहर के अलावा, अहमदाबाद में भी सामने आए हैं और सार्वजनिक सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण खतरा पैदा करते हैं.

इस मामले में एडवोकेट अमित पांचाल ने घटना को कवर करने वाले इंडियन एक्सप्रेस, टाइम्स, द मिरर और द हिंदू सहित विभिन्न प्रकाशनों से समाचार पत्रों की कॉपी प्रस्तुत कीं. उन्होंने अदालत को सूचित किया कि राजकोट में टीआरपी गेमिंग जोन ने आवश्यक, खासकर अग्निशमन विभाग से कोई अनुमति नहीं ली थी.

उन्होंने इस घटना को अधिकारियों की सरासर लापरवाही बताते हुए तर्क दिया कि निगम को उचित अनुमोदन के बिना सुविधा को संचालित करने की अनुमति नहीं देनी चाहिए.

न्यायालय कहा कि प्रथम दृष्टया, आपदा मानव निर्मित थी. इसमें दर्ज किया गया, “कुछ अखबारों ने यह भी सुझाव दिया है कि राजकोट गेमिंग जोन में ईंधन और टायर, फाइबर ग्लास शेड आदि जैसे अत्यधिक ज्वलनशील पदार्थों का भंडार था.”

न्यायालय ने अपनी रजिस्ट्री को स्वत: संज्ञान लेकर जनहित याचिका (पीआईएल) याचिका दर्ज करने का निर्देश दिया. इसने सूरत, अहमदाबाद, राजकोट और बड़ौदा के नगर निगमों से कानून के उन प्रावधानों के संबंध में प्रतिक्रिया मांगी है जिसके तहत ये निगम इन गेमिंग जोन, मनोरंजक सुविधाओं को स्थापित करने या जारी रखने और उपयोग में लाने की अनुमति देते हैं.

अधिवक्ता अमित पांचाल ने पीठ के समक्ष एक नोट दायर कर अग्नि सुरक्षा से संबंधित एक जनहित याचिका में एक नागरिक आवेदन को तत्काल प्रसारित करने का अनुरोध किया.

इस मामले में गुजरात हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष के तौर पर वकील ब्रिजेश त्रिवेदी पेश हुए. बार एसोसिएशन के अध्यक्ष के रूप में पेश हुए वकील ब्रिजेश त्रिवेदी ने अदालत से इस मामले की मौजूदा न्यायाधीश से जांच कराने का आदेश देने का आग्रह किया.

न्यायालय ने एडवोकेट ब्रिजेश त्रिवेदी से इस सू मोटो जनहित याचिका की कॉपी अहमदाबाद, वडोदरा, सूरत और राजकोट नगर निगमों के पैनल वकीलों के साथ-साथ गुजरात राज्य के एडिशनल एडवोकेट जनरल को देने का अनुरोध किया.

स्वतः संज्ञान याचिका को 27 मई को आगे की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करते हुए अदालत ने आगे निर्देश दिया, “संबंधित निगमों के पैनल अधिवक्ता हमारे सामने निर्देशों के साथ पेश होंगे कि इन निगमों ने कानून के किन प्रावधानों के तहत इन गेमिंग जोन/मनोरंजक सुविधाओं को स्थापित करने की अनुमति दी.”

कोर्ट ने कहा, “जैसा कि समाचार पत्रों की रिपोर्टों में सुझाव दिया गया कि इन क्षेत्रों ने जीडीसीआर में खामियों का फायदा उठाया, राज्य और निगम क्रमशः हमें बताएंगे कि अग्नि सुरक्षा नियमों के अनुपालन सहित ऐसे लाइसेंस इन संबंधित क्षेत्रों द्वारा किस तरीके से और क्या किए गए, जो इन निगमों के क्षेत्रीय अधिकार क्षेत्र में हैं.”

ज्ञात हो कि इस मामले में राज्य सरकार के द्वारा एसआईटी को मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं. गुजरात सरकार ने मृतकों के परिजनों को 4 लाख रुपये और घायलों को 50 हज़ार रुपये आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है.

-लाइव लॉ के इनपुट के साथ

- Advertisement -
- Advertisement -

Stay Connected

16,985FansLike
2,458FollowersFollow
61,453SubscribersSubscribe

Must Read

कर्नाटक: BJP की सहयोगी पार्टी का एक और नेता सूरज रेवन्ना यौन उत्पीड़न के आरोप में गिरफ्तार

इंडिया टुमारो नई दिल्ली | भाजपा की सहयोगी पार्टी के एक और नेता पर यौन शोषण का मामला सामने...
- Advertisement -

मध्यप्रदेश में ‘गाय’ से जुड़े मामले में मुसलमानो के घरों पर चलाया गया बुलडोज़र, लोगों में नाराज़गी

- अनवारुल हक़ बेग रतलाम (मध्य प्रदेश) | मध्य प्रदेश में सरकारी अधिकारियों ने चार मुस्लिम व्यक्तियों को, रतलाम...

बिहार सरकार आरक्षण कोटा मामले में पटना हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में देगी चुनौती

- सैयद ख़लीक अहमद नई दिल्ली | बिहार में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़े वर्गों के लिए कोटा...

नेट परीक्षा रद्द करने को लेकर तय हो जवाबदेही: प्रो. सलीम इंजीनियर, चेयरमैन मर्कज़ी तालीमी बोर्ड

इंडिया टुमारो नई दिल्ली | जमाअत-ए-इस्लामी हिंद के मर्कज़ी तालीमी बोर्ड के अध्यक्ष प्रो. सलीम इंजीनियर ने नेट परीक्षा...

Related News

कर्नाटक: BJP की सहयोगी पार्टी का एक और नेता सूरज रेवन्ना यौन उत्पीड़न के आरोप में गिरफ्तार

इंडिया टुमारो नई दिल्ली | भाजपा की सहयोगी पार्टी के एक और नेता पर यौन शोषण का मामला सामने...

मध्यप्रदेश में ‘गाय’ से जुड़े मामले में मुसलमानो के घरों पर चलाया गया बुलडोज़र, लोगों में नाराज़गी

- अनवारुल हक़ बेग रतलाम (मध्य प्रदेश) | मध्य प्रदेश में सरकारी अधिकारियों ने चार मुस्लिम व्यक्तियों को, रतलाम...

बिहार सरकार आरक्षण कोटा मामले में पटना हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में देगी चुनौती

- सैयद ख़लीक अहमद नई दिल्ली | बिहार में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़े वर्गों के लिए कोटा...

नेट परीक्षा रद्द करने को लेकर तय हो जवाबदेही: प्रो. सलीम इंजीनियर, चेयरमैन मर्कज़ी तालीमी बोर्ड

इंडिया टुमारो नई दिल्ली | जमाअत-ए-इस्लामी हिंद के मर्कज़ी तालीमी बोर्ड के अध्यक्ष प्रो. सलीम इंजीनियर ने नेट परीक्षा...

UGC ने लोकपाल नियुक्त न करने वाले 157 विश्वविद्यालय को डिफॉल्ट सूची में डाला, सबसे ज्यादा यूपी की यूनिवर्सिटी के नाम

अखिलेश त्रिपाठी | इंडिया टुमारो नई दिल्ली | यू जी सी ने लोकपाल नियुक्त न करने वाले विश्वविद्यालयों को...
- Advertisement -

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here