Saturday, August 13, 2022
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छात्र नेता आफरीन फातिमा के घर को ध्वस्त किये जाने के विरोध में दिल्ली में छात्र संगठनों का प्रदर्शन

–मसीहुज़्ज़मा अंसारी

नई दिल्ली | उत्तर प्रदेश के इलाहबाद में रविवार को सामाजिक कार्यकर्ता जावेद मोहम्मद और उनकी बेटी व छात्र नेता आफरीन फातिमा को निशाना बनाते हुए उनके घर को ध्वस्त कर दिया गया जिसकी देश और दुनियाभर में आलोचना की जा रही है. सोमवार को दिल्ली के जामिया मिल्लिया इस्लामिया, जंतर-मंतर और यूपी भवन पर विभिन्न छात्र संगठनों ने प्रदर्शन किया.

यूपी भवन पर प्रदर्शन करने पहुंचे फ्रैटरनिटी मूवमेंट के कार्यकर्ताओं को दिल्ली पुलिस हिरासत में लेकर उन्हें पार्लियामेंट स्ट्रीट ले गई. लगभग 25 छात्रों को यूपी भवन से डिटेन किया गया.

इलाहबाद में बीते शुक्रवार को जुमे की नमाज़ के बाद पैग़म्बर मुहम्मद स० पर भाजपा प्रवक्ताओं द्वारा अपमानजनक बयान मामले में हुए प्रदर्शन में हिंसा के बाद सामाजिक कार्यकर्ता जावेद मोहम्मद को पुलिस ने ‘मास्टरमाइंड’ बताकर गिरफ्तार कर लिया था, और रविवार को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में उनके घर को गिरा दिया गया.

जंतर-मंतर पर छात्र संगठन स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ़ इंडिया (SFI) ने आफरीन फातिमा के समर्थन में एकजुटता दिखाते हुए प्रदर्शन किया और उत्तर प्रदेश पुलिस को फ़ासीवादी और इस्लामोफोबिक बताते हुए नारेबाज़ी की.

प्रदर्शन में शामिल दिल्ली की अधिवक्ता कंवलप्रीत कौर ने इंडिया टुमारो से बात करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा एक वर्ग विशेष को निशाना बनाकर बुलडोज़र से उनके घरों को ध्वस्त करने की प्रक्रिया को संविधान विरोधी बताया है और कोर्ट से न्याय की उम्मीद जताई है.

रविवार को छात्र नेता आफरीन फातिमा के घर को गिरा दिया गया था. उनके पिता जावेद मुहम्मद को प्रशासन ने शुक्रवार को हुई हिंसा का मुख्य आरोपी बता यह कार्रवाई की, जिसके विरोध में छात्र संगठनों द्वारा दिल्ली के यूपी भवन, जामिया और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया गया.

जामिया के रिसर्च स्कॉलर और सामाजिक कार्यकर्ता राहुल कपूर ने इंडिया टुमारो से बात करते हुए कहा कि, हम सभी छात्र आफरीन फातिमा के समर्थन में जंतर-मंतर पर एकत्रित हुए हैं और आफरीन को ये बाताने आए हैं कि वो अकेली नहीं हैं बल्कि हम सभी छात्र उनके साथ खड़े हैं ज़ुल्म करने वाली सरकार का विरोध करते रहेंगे.

क्विल फाउंडेशन से जुड़े हुए अधिवक्ता और मानवाधिकार कार्यकर्ता फ़वाज़ शाहीन ने इंडिया टुमारो से बात करते हुए कहा कि, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जावेद मोहम्मद के घर को बुलडोज़र द्वारा ध्वस्त करने की पूरी प्रक्रिया सवालों के घेरे में है. नोटिस पर भी अधिवक्ताओं ने सवाल उठाया है.

फ़वाज़ ने कहा कि, “जिन लोगों को गिरफ्तार किया जा रहा है उसपर भी सवालिया निशान है. इलाहाबाद में जावेद मोहम्मद तो हमेशा प्रशासन का सहयोग करने वालों में आगे रहते थे. प्रदर्शन को लेकर भी जावेद मोहम्मद ने फेसबुक पर शांति बनाए रखने की अपील की थी मगर उनको पूछताछ के नाम पर बुलाया गया और फिर हिरासत में ले लिया गया. उनके परिवार को गैरकानूनी तौर पर डिटेन किया गया.”

उन्होंने कहा कि, “जावेद मोहम्मद के मामले में प्रशासन के रवैये को देखकर साफ़ लगता है कि ये पूरी तरह से बदले की भावना पर आधारित है. नोटिस से लेकर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पूरी तरह से गैरकानूनी है. सरकार अपने प्रतिरोध की आवाज़ को दबाने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है और ये कार्रवाई उसी का हिस्सा है.”

छात्र संगठन स्टूडेंट्स इस्लामिक ऑर्गेनाइजेशन ऑफ़ इंडिया (SIO of India) के राष्ट्रीय सचिव मुसब क़ाज़ी ने इंडिया टुमारो को बताया कि छात्र नेता आफरीन फातिमा के घर को गिराए जाने के विरोध में दिल्ली और देश के अलग-अलग राज्यों व शहरों में संगठन के कार्यकर्ता प्रदर्शन कर रहे हैं और SIO, यूपी सरकार द्वारा इस प्रकार की गैरकानूनी कार्रवाई का विरोध करता है.

मुसब क़ाज़ी ने कहा कि, “पैगंबर मोहम्मद साहब पर अपमानजनक टिप्पणी के विरोध में हो रहे प्रदर्शन को निशाना बनाते हुए शांतिपूर्ण करने वालों पर पुलिस द्वारा बर्बरता की जा रही है. रांची में दो मुस्लिम युवाओं को मार दिया गया, इलाहाबाद में आफरीन फातिमा के घर को ध्वस्त कर दिया गया और हज़ारों लोगों पर मामला दर्ज किया गया है, सैकड़ों को गिरफ्तार किया गया है और ये सभी कार्रवाई अपमानजनक टिप्पणी करने वालों के खिलाफ क़ानूनी कार्रवाई करने की मांग करने वालों पर की जा रही है.”

उन्होंने कहा कि भाजपा प्रवक्ताओं पर कार्रवाई की मांग तब तक करते रहेंगे जब तक पैगम्बर पर अपमानजनक बयान देने वालों को गिरफ्तार नहीं कर लिया जाता.

ज्ञात हो कि उत्तर प्रदेश के प्रयागराज (इलाहबाद) में बीते शुक्रवार को जुमे की नमाज़ के बाद पैग़म्बर मुहम्मद स० पर भाजपा प्रवक्ताओं द्वारा अपमानजनक बयान मामले में हुए प्रदर्शन में हिंसा के बाद शहर के मशहूर सामाजिक कार्यकर्ता जावेद मोहम्मद को पुलिस ने ‘मास्टरमाइंड’ बताकर गिरफ्तार कर लिया था, और रविवार को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में उनके घर को गिरा दिया गया.

प्रशासन द्वारा जावेद मोहम्मद के घर पर नोटिस लगाकर घर को खाली करने को कहा गया था. नोटिस में कहा गया था कि मकान विवादित भूमि पर गैर-कानूनी तरीके से बनाया गया है.

जावेद अहमद शहर के मशहूर सामाजिक कार्यकर्ता हैं और वेलफ़ेयर पार्टी के नेता भी है. जावेद मोहम्मद की बेटी आफरीन फातिमा JNU की छात्रा है और एक छात्र नेता के रूप में देशभर में जानी जाती है. ट्विटर पर आफरीन फातिमा की सहानुभूति में देशभर के लोग लगातार ट्विट कर रहे हैं.

प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) ने जावेद अहमद को रविवार सुबह 11 बजे तक घर खाली करने का नोटिस जारी किया था. जिसमें कहा गया था कि घर गैर-कानूनी तरीके से बनाया गया है.

शनिवार से ही जावेद के घर पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया था और रविवार को कार्रवाई करने की बात कही गई थी. रविवारको भारी पुलिस बल की मौजूदगी में 12: 30 बजे से घर को गिराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई.

जावेद के परिवार को भी पुलिस ने डिटेन किया था जिसमें उनकी पत्नी और बेटी शामिल थीं, हालांकि उन्हें रविवार सुबह छोड़ दिया गया है.

प्रयागराज पुलिस ने पहले जावेद मोहम्मद को बातचीत करने के लिए बुलाया था फिर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. उत्तर प्रदेश पुलिस ने अहमद को शुक्रवार की हिंसा का ‘मास्टरमाइंड’ बताया है.

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