Sunday, December 5, 2021
Home पॉलिटिक्स लखीमपुर हिंसा: पत्रकार रमन कश्यप की मौत का कौन है ज़िम्मेदार?

लखीमपुर हिंसा: पत्रकार रमन कश्यप की मौत का कौन है ज़िम्मेदार?

मसीहुज़्ज़मा अंसारी

लखीमपुर | पत्रकार रमन कश्यप की 11 वर्षीय बेटी का जन्म दिन है मगर वो अपने हाथों में पिता की तस्वीर लिए अपनी माँ के साथ श्रद्धांजलि मार्च में शामिल है जो सिख समुदाय की तरफ से लखीमपुर के निघासन में रखी गई है. वो 11 वर्षीय बच्ची इस बात से अंजान है कि लोग मोमबत्ती लिए उसके शहीद पिता को याद कर रहे हैं जो उनके बीच अब वापस कभी नहीं आएंगे.

लखीमपुर खीरी के तिकुनिया में 3 अक्तूबर को यूपी के डिप्टी सीएम स्वामी प्रसाद मौर्य एक कार्यक्रम में आने वाले थे. कृषि क़ानूनों को लेकर किसान विरोध प्रदर्शन के लिए जमा हुए थे. किसानों के इस प्रदर्शन से नाराज़ भाजपा नेता और केंद्रीय राज्यमंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा ने अपनी गाड़ी से लौट रहे प्रदर्शनकारी किसानों को कुचल दिया जिसमें 8 लोगों की मौत हुई थी. मरने वालों में पत्रकार रमन कश्यप भी शामिल थे जो प्रदर्शन और कार्यक्रम को कवर कर रहे थे.

तेज़ रफ़्तार में अचानक आई गाड़ी की चपेट में आजाने से गाड़ी के साथ दूर तक घसीटते चले गए जिसमें बुरी तरह घायल हो जाने से उनकी मौत हो गई.

रमन ने एम.ए. तक पढ़ाई की थी और एक निजी स्कूल में अध्यापन करते थे. वह कम्प्यूटर और अंग्रेज़ी के शिक्षक थे. बाद में पत्रकारिता के पेशे से जुड़ गए. वह पत्रकारिता के माध्यम से समाज के लिए कुछ करना चाहते थे.

रमन कश्यप अपने घर में सबसे बड़े थे, उनके दो बच्चे हैं. बड़ी बेटी 11 वर्ष की है और छोटा बेटा ढ़ाई वर्ष का है.

घटना में मारे गए पत्रकार रमन कश्यप की बेटी बड़ी होकर डॉक्टर बनना चाहती है.

नवजोत सिंह सिद्धू ने रमन कश्यप के बच्चों की पूरी पढ़ाई का खर्च उठाने का वादा किया है. वह रमन कश्यप के परिजनों से मिलने उनके घर पहुंचे थे.

इंडिया टुमारो से बात करते हुए रमन कश्यप के छोटे भाई पवन कश्यप ने बताया कि उनके भाई रिपोर्टिंग के लिए 3 अक्तूबर को 12 बजे के करीब तिकुनिया गए थे. वहां कुश्ती का कार्यक्रम था और उपमुख्यमंत्री को आना था.

उन्होंने बताया कि वह 12 बजे घर से निकले थे लेकिन देर शाम तक घर नहीं लौटे. हिंसा की ख़बर सुनकर परिवार परेशान था. बाद में लखीमपुर जिला अस्पताल के मॉर्चरी में उनके शव की शिनाख़्त की गई.

रमन कश्यप पिछले 6 महीने से पत्रकारिता के पेशे से जुड़े थे. इससे पहले वो एक स्कूल में पढ़ाते थे. बाद में साधना चैनल से जुड़ गए साथ ही अन्य कई चैनलों के लिए फ्रीलांसिंग करते थे.

पत्रकार के परिजनों ने न्याय की मांग करते हुए दोषियों को सख़्त सज़ा देने की बात कही.

घर के पास पड़ोस के लोगों ने इंडिया टुमारो को बताया कि रमन कश्यप के परिवार का झुकाव भाजपा की तरफ था हालांकि रमन की मौत के बाद भाजपा का कोई प्रतिनिधि उनसे मिलने नहीं आया.

मुआवज़ा न्याय नहीं है, दोषियों पर हो कार्रवाई: पीड़ित परिवार

रमन कश्यप के परिवार ने कहा है कि केवल मुआवज़ा दे देना न्याय नहीं है बल्कि न्याय भी मिलना चाहिए.

मृतक के भाई ने इंडिया टुमारो से कहा कि मुआवज़ा किसी के जीवन को वापस नहीं ला सकता इसलिए जो हत्या के आरोपी हैं उन्हें पकड़ा जाए और उन्हें सज़ा दी जाए.

निष्पक्ष जांच होगी तब शायद न्याय मिल पाएगा: परिवार

मृतक पत्रकार रमन कश्यप के भाई ने जांच को लेकर आशंका जताते हुए इंडिया टुमारो से कहा कि यदि निष्पक्ष जांच होती है तो शायद उनके भाई को न्याय मिल सके. हालांकि उनका परिवार भाजपा का ही समर्थक रहा है लेकिन फिर भी योगी सरकार की जांच की निष्पक्षता पर परिवार ने संदेह व्यक्त किया है.

मृतक पत्रकार रमन कश्यप के भाई पवन कश्यप ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के सज्ञान लेने के बाद परिवार को कुछ उम्मीद बंधी है कि शायद कार्रवाई निष्पक्ष होगी और दोषियों पर कठोर क़नूनी कार्रवाई हो सकेगी.

परिवार ने एक मीडिया चैनल पर धमकाने का आरोप लगाया

परिवार ने इंडिया टुमारो से बात करते हुए एक न्यूज़ चैनल पर आरोप लगाया कि, “पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने से पहले एक पत्रकार ने मुझ पर और मेरे परिवार पर दबाव बनाया कि मैं यह बयान दूं कि रमन कश्यप की मौत लाठी डंडों से मारे जाने से हुई है. जब हमने इस प्रकार का बयान देने से इंकार किया तो मुझे धमकी दी गई. मुझे और मेरे पिता जी को धमकाया गाया.”

उन्होंने ने बताया कि, “वो चाहते थे कि हम उनके अनुसार बयान दें जबकि उस समय तक पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट भी नहीं आई थी. हमने उस पत्रकार से यही कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने से पहले हम कोई बयान नहीं दे सकते.”

पोस्टमार्टम रिपोर्ट समझ से परे है: मृतक रमन कश्यप के भाई

रमन कश्यप के परिवार ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर सवाल उठाया है. उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पहले मीडिया के कुछ लोगों ने अपने अनुसार मौत को लेकर बयान देने का दबाव बनाया और अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आई तो उसमें कुछ भी पढ़ सकने लायक नहीं है.

पवन कश्यप ने बताया कि कई पत्रकारों ने और अन्य लोगों ने भी पोस्टमार्टम रिपोर्ट को पढ़ने का प्रयास किया लेकिन अंततः वो असफल रहे.

परिवार के अनुसार रमन कश्यप की मौत भाजपा मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा की गाड़ी से कुचल जाने के कारण हुई.

अगर पत्रकार मेरे परिवार के दुख नहीं समझेंगे तो फिर कौन समझेगा?

रमन कश्यप के परिवार ने कहा है कि रमन एक पत्रकार थे इसलिए सभी पत्रकार बंधुओं को उनके न्याय के लिए आवाज़ उठानी चाहिए.

उनके भाई पवन ने कहा कि वह अपनी ड्यूटी करते हुए शहीद हुए हैं. उनका किसी से कोई बैर नहीं था. उन्हें न्याय मिलना चाहिए.

क्या भाजपा मंत्री के बेटे की हठधर्मिता ने ली रमन कश्यप की जान?

रमन कश्यप रिपोर्टिंग करते हुए मारे गए. वह न तो किसानों के समर्थन में वहां गए थे और न भाजपा के. वह भाजपा का कार्यक्रम और किसानों के विरोध को कवर कर रहे थे लेकिन सत्ता के नशे में भाजपा मंत्री ने किसानों को कुचल डाला निसमें कई निर्दोष मारे गए.

भाजपा मंत्री के बेटे ने अपने अहंकार में कई परिवार उजाड़ दिए. कई बच्चे अनाथ हो गए, कई औरतें विधवा हो गईं. इस जघन्य अपराध के बावजूद प्रशासन के सहयोग से क़ानून के हाथों बच निकलने की राह तलाशी जाती रही.

आरोप था कि भाजपा अपने मंत्री के आरोपी बेटे को बचाना चाहती थी लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने समय रहते संज्ञान लेकर पीड़ित परिवारों को फिलहाल राहत दी है.

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