Sunday, December 5, 2021
Home पॉलिटिक्स असम में पुलिस बर्बरता पर जमाअते इस्लामी की प्रेस वार्ता, पीड़ितों को...

असम में पुलिस बर्बरता पर जमाअते इस्लामी की प्रेस वार्ता, पीड़ितों को न्याय और पुनर्वास की मांग

जमाअत इस्लामी के अध्यक्ष सैयद सआदतुल्लाह हुसैनी ने कहा कि, “किसी स्थान पर लंबे समय से रह रहे नागरिकों को वहां से हटाने से पहले उनके लिए आवास, आजीविका, शिक्षा और स्वास्थ्य की वैकल्पिक व्यवस्था करना सरकार की जिम्मेदारी है. मगर यहाँ मामले को जिस तरह साम्प्रदायिक रंग देकर एक वर्ग विशेष को निशाना बनाया गया वह किसी भी सभ्य लोकतंत्र की कल्पना के विरुद्ध है.”

इंडिया टुमारो

नई दिल्ली | जमाअत इस्लामी हिंद (JIH) ने असम के दरांग जिले के धौलपुर इलाके में बेदखली के दौरान मुसलमानों के खिलाफ की गई बर्बरता के लिए ज़िम्मेदार लोगों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए “अतिक्रमण” से प्रभावित 900 से अधिक परिवारों के तत्काल पुनर्वास की मांग की है.

दिल्ली स्थित मुख्यालय में बुधवार को अपने मुख्यालय में मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए जमाअत इस्लामी के अध्यक्ष सैयद सआदतुल्लाह हुसैनी ने कहा कि, असम में जो हुआ वह “राजनीतिक लाभ के लिए कानून का दुरुपयोग” है.

यह प्रेस वार्ता मुस्लिम संगठनों के संयुक्त प्रतिनिधिमंडल के असम से वापसी के बाद आयोजित की गई थी. इस प्रतिनिधि मंडल में जमाअत इस्लामी हिन्द, जमीयत उलेमा-ए-हिंद और स्टूडेंट्स इस्लामिक ऑर्गनाइज़ेशन ऑफ इंडिया (SIO) के पदाधिकारी शामिल थे.

इस प्रतिनिधि मंडल ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा करने के बाद जो रिपोर्ट साझा की है उसके अनुसार विस्थापन की प्रक्रिया नियमानुसार नहीं हुई.

जमाअत इस्लामी के अध्यक्ष सैयद सआदतुल्लाह हुसैनी ने कहा कि, “कुछ लोग राजनीतिक लाभ के लिए कानून का दुरुपयोग करते हैं, असम में यही हुआ है. किसी भी भूमि को खाली कराने के लिए कानूनी प्रक्रिया का पालन आवश्यकता होता है. कानून के अनुसार विस्थापितों के लिए वैकल्पिक आवास की व्यवस्था की जानी चाहिए, लेकिन दरांग जिले के धौलपुर गांव में ऐसा नहीं किया गया. वहां लोगों को बेदखल करने की प्रक्रिया को सांप्रदायिक रंग दिया गया और अमानवीय तरीका अपनाया गया.”

उन्होंने कहा कि, “किसी स्थान पर लंबे समय से रह रहे नागरिकों को वहां से हटाने से पहले उनके लिए आवास, आजीविका, शिक्षा और स्वास्थ्य की वैकल्पिक व्यवस्था करना सरकार की जिम्मेदारी है. मगर यहाँ मामले को जिस तरह साम्प्रदायिक रंग देकर एक वर्ग विशेष को निशाना बनाया गया वह किसी भी सभ्य लोकतंत्र की कल्पना के विरुद्ध है.”

इस प्रतिनिधिमंडल में जमाअत इस्लामी हिन्द के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एस अमीनुल हसन, जमीयत उलेमा-ए-हिंद के महासचिव मौलाना हकीमुद्दीन कासमी, जमाअत इस्लामी हिन्द के सचिव शफी मदनी, एसआईओ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सलमान अहमद एवं अन्य प्रमुख नेता शामिल थे.

प्रेस को संबोधित करते हुए एस अमीनुल हसन ने कहा, “प्रतिनिधिमंडल ने सभी प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया, पीड़ितों से मुलाकात की और वहां की अमानवीय और अनैतिक स्थिति का जो अवलोकन किया उस से असम के मुख्यमंत्री से मुलाक़ात करके उन्हें अवगत भी कराया गया. साथ ही यह मांग की गई कि पूरे मामले की निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ जांच करायी जाए और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए.”

प्रतिनिधिमंडल ने प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की तत्काल व्यवस्था की मांग की. मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा सरमा ने पीड़ितों को न्याय दिलाने का वादा किया.

प्रतिनिधिमंडल ने डीसी और एसपी से भी मुलाकात की जिसके बाद प्रशासन ने पीड़ितों को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया.

प्रेस से बात करते हुए प्रतिनिधिमंडल के सदस्य शफी मदनी ने कहा कि यह अजीब है कि 25,000 एकड़ जमीन पर एक परियोजना को लागू करने के लिए 900 परिवारों को बेदखल किया गया है.

- Advertisement -
- Advertisement -

Stay Connected

16,985FansLike
2,458FollowersFollow
61,453SubscribersSubscribe

Must Read

CAA त्रुटिपूर्ण, यह संविधान के सिद्धांतों के विरुद्ध है: न्यायामूर्ति ए.के. गांगुली (सेवानिवृत्त)

इंडिया टुमारो नई दिल्ली | न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) एके गांगुली ने कहा है कि 2019 में भाजपा सरकार द्वारा पारित...
- Advertisement -

गुरुग्राम: कट्टरपंथियों द्वारा “जय श्री राम” के नारों के बीच मुसलमानों ने अदा की जुमे की नमाज़

सैयद ख़लीक अहमद नई दिल्ली | भारत की संसद से मात्र 30 किलोमीटर दूर स्थित गुरुग्राम में शुक्रवार को...

राजस्थान: मुसलमानों द्वारा शपथ पत्र देने के बाद भी अधिकारी नहीं बना रहे अल्पसंख्यक प्रमाण पत्र

रहीम ख़ान | इंडिया टुमारो जयपुर | राजस्थान के अजमेर, भीलवाड़ा, पाली और राजसमंद समेत अन्य जिलों में चीता,...

क्या ASI कुतुब मीनार परिसर का संरक्षण कर रहा या इसकी मूल संरचना को नष्ट कर रहा?

सैयद ख़लीक अहमद नई दिल्ली | दिल्ली में स्थित ऐतिहासिक स्मारक कुतुब मीनार को लेकर दक्षिणपंथी समूहों द्वारा पैदा...

Related News

CAA त्रुटिपूर्ण, यह संविधान के सिद्धांतों के विरुद्ध है: न्यायामूर्ति ए.के. गांगुली (सेवानिवृत्त)

इंडिया टुमारो नई दिल्ली | न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) एके गांगुली ने कहा है कि 2019 में भाजपा सरकार द्वारा पारित...

गुरुग्राम: कट्टरपंथियों द्वारा “जय श्री राम” के नारों के बीच मुसलमानों ने अदा की जुमे की नमाज़

सैयद ख़लीक अहमद नई दिल्ली | भारत की संसद से मात्र 30 किलोमीटर दूर स्थित गुरुग्राम में शुक्रवार को...

राजस्थान: मुसलमानों द्वारा शपथ पत्र देने के बाद भी अधिकारी नहीं बना रहे अल्पसंख्यक प्रमाण पत्र

रहीम ख़ान | इंडिया टुमारो जयपुर | राजस्थान के अजमेर, भीलवाड़ा, पाली और राजसमंद समेत अन्य जिलों में चीता,...

क्या ASI कुतुब मीनार परिसर का संरक्षण कर रहा या इसकी मूल संरचना को नष्ट कर रहा?

सैयद ख़लीक अहमद नई दिल्ली | दिल्ली में स्थित ऐतिहासिक स्मारक कुतुब मीनार को लेकर दक्षिणपंथी समूहों द्वारा पैदा...

यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ के गृह जिले गोरखपुर में एक ब्राह्मण परिवार पलायन को मजबूर

अखिलेश त्रिपाठी | इंडिया टुमारो लखनऊ | यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के गृह जिले गोरखपुर में अपराधियों की...
- Advertisement -

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here