Thursday, January 27, 2022
Home पॉलिटिक्स 'अवैध धर्मांतरण': मौलाना कलीम सिद्दीकी की गिरफ़्तारी पर उठते सवाल?

‘अवैध धर्मांतरण’: मौलाना कलीम सिद्दीकी की गिरफ़्तारी पर उठते सवाल?

यह बात समझने की आवश्यकता है कि कोई भी शख्स न तो जबरन इस्लाम धर्म स्वीकार करता है और न ही ज़बरदस्ती इस्लाम धर्म स्वीकार करने के लिए किसी के ऊपर दबाव बनाया या डाला जाता है। कोई भी शख्स इस्लाम धर्म या अन्य कोई धर्म अपनी मर्जी से स्वीकार करता है। इसलिए एटीएस का यह कहना कि मौलाना कलीम सिद्दीकी द्वारा धन या पैसे का प्रलोभन देकर धर्मांतरण कराने का सिंडीकेट चलाया जा रहा है या धर्मांतरण कराया जा रहा है, यह बात समझ से परे है।

अखिलेश त्रिपाठी | इंडिया टुमारो

लखनऊ | उत्तर प्रदेश में मेरठ से इस्लामिक विद्वान मौलाना कलीम सिद्दीकी को एटीएस ने गिरफ्तार किया है। उनपर अवैध धर्मांतरण का देशव्यापी सिंडीकेट चलाने का आरोप लगाया गया है, और इसके लिए हवाला के जरिए विदेशी फंडिंग जुटाने का भी आरोप है।

इन गिरफ़्तारी पर देशभर में मानवाधिकार कार्यकर्ता और बुद्धजीवियों ने सवाल उठाया है और ख़ासकर चुनाव से पूर्व अवैध धर्मान्तरण को लेकर की जा रही गिरफ़्तारियों को ध्रुवीकरण के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।

इस्लामिक विद्वान मौलाना कलीम सिद्दीकी को यूपी की एटीएस ने मेरठ से मंगलवार शाम को उठाया था। मेरठ के लिसाड़ीगेट थाने के अंतर्गत मौलाना कलीम सिद्दीकी एक कार्यक्रम में शामिल होने आए थे। उसी समय यूपी एटीएस ने मौलाना कलीम सिद्दीकी को उठा लिया। इसके बाद वह मौलाना कलीम सिद्दीकी को मेरठ से लेकर लखनऊ पहुंची। लखनऊ में एटीएस ने मौलाना से पूछताछ की जिसके बाद यूपी एटीएस ने मौलाना कलीम सिद्दीकी के खिलाफ देशव्यापी अवैध धर्मांतरण सिंडीकेट चलाने और उसके लिए हवाला के जरिए विदेशी फंडिंग जुटाने के मामले में मुकदमा दर्ज किया है।

मौलाना कलीम सिद्दीकी की एटीएस द्वारा गिरफ्तारी की बात यूपी के एडीजी कानून एवं व्यवस्था प्रशांत कुमार ने स्वीकार किया है।उन्होंने मौलाना कलीम सिद्दीकी के ऊपर अवैध धर्मांतरण का देशव्यापी सिंडीकेट चलाने का आरोप लगाया है और अवैध धर्मांतरण कराने के लिए हवाला के जरिए विदेशी फंडिंग जुटाने की बात कही है।

प्रशांत कुमार ने कहा है कि, “अवैध धर्मांतरण को लेकर विवेचना की जा रही थी। विवेचना के दौरान प्राप्त आसूचना की जांच के दौरान ऐसे तथ्य प्रकाश में आए कि मौलाना कलीम सिद्दीकी पुत्र स्व. हाजी अमीन निवासी फुलत, मुजफ्फरनगर जो अधिकाशतः दिल्ली में निवास करता है, अवैध धर्मांतरण के कार्य में लिप्त है और विभिन्न प्रकार की शैक्षणिक, सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं की आड़ में अवैध धर्मांतरण का कार्य देशव्यापी स्तर पर किया जा रहा है। जिसके लिए विदेशों से भारी मात्रा में फंडिंग की जा रही है और इस अवैध धन का प्रयोग कर बृहद स्तर पर तेजी से धर्मांतरण कराया जा रहा है, जो सुनियोजित तरीके से संगठनात्मक रूप से किया जा रहा है।जिसमें देश के कई नामी लोग व संस्थाएं शामिल हैं।यह भी तथ्य प्रमाणित हुए हैं कि यह भारत का सबसे बड़ा धर्मांतरण सिंडीकेट संचालित करता है और गैर मुस्लिमों को गुमराह कर भयाक्रांत कर उन्हें धर्मांतरित करता है और फिर उन्हें भी दावा के कार्य के लिए तैयार करता है।”

प्रशांत कुमार ने आगे कहा है कि, “एटीएस उत्तर प्रदेश ने इलेक्ट्रॉनिक व ग्राउंड सर्विलांस के साथ – साथ सुदृढ़ सूचना तंत्र सक्रिय कर आसूचना को पुष्ट किया तो यह तथ्य प्रकाश में आए कि मौलाना कलीम सिद्दीकी पुत्र स्व.अमीन सिद्दीकी निवासी फुलत मुजफ्फरनगर नाम का व्यक्ति, जो जामिया इमाम वलीउल्ला नामक एक ट्रस्ट भी संचालित करता है। देश भर में सामाजिक सौहार्द के कार्यक्रम की आड़ में भिन्न -भिन्न प्रकार के लालच देकर अवैध धर्मांतरण का सिंडीकेट संचालित कर रहा है। यह भी तथ्य प्रकाश में आए हैं कि कलीम सिद्दीकी अपना ट्रस्ट संचालित करने के अलावा तमाम मदरसों की फंडिंग भी करता है, जिसके लिए मौलाना कलीम को विदेशों से भारी धनराशि हवाला व अन्य अवैध माध्यमों से भेजी जाती है। मौलाना इन मदरसों की आड़ में पैगामे इंसानियत के संदेश देने के बहाने लोगों को जन्नत और जहन्नुम जैसी बातों का लालच व भय दिखाकर इस्लाम स्वीकारने के लिए प्रेरित करता है और बाद में इन लोगों को प्रशिक्षित कर अन्य लोगों का धर्मांतरण कराने हेतु प्रेरित करता है।”

यूपी एटीएस के मुताबिक मौलाना कलीम सिद्दीकी द्वारा धर्मांतरण के लिए उनका खुद का लिखा हुआ साहित्य जो प्रिंट और ऑनलाइन दोनों रूपों में उपलब्ध है का भी प्रयोग किया जाता है। यह साहित्य दावा है। (धर्मांतरण हेतु आमंत्रण) निःशुल्क उपलब्ध कराया जाता है। मौलाना कलीम लोगों के बीच में इस विश्वास को जागृत कर रहे थे कि शरीयत के अनुसार बनी व्यवस्था ही सबको न्याय दे सकती है और इस बात को समझाने के लिए मौलाना कलीम सिद्दीकी तीन तलाक जैसे मुद्दों को शरीयत के अनुसार ही निपटाने की बात पर बल देता था। जिन संगठनों ने उमर गौतम से संबंधित ट्रस्ट अल हसन एजुकेशनल ऐंड वेलफेयर फाउंडेशन को फंडिंग की थी, उन्हीं स्रोतों से मौलाना कलीम सिद्दीकी के ट्रस्ट जामिया इमाम वलीउल्ला ट्रस्ट को भी अनियमित रूप से भारी मात्रा में फंडिंग की गई है। अभी तक की जांच में मौलाना कलीम सिद्दीकी के ट्रस्ट के खाते में 1.5 करोड़ रुपए एकमुश्त बहरीन देश से आए और लगभग 3 करोड़ रुपए की कुल फंडिंग के साक्ष्य प्राप्त हुए हैं। यह भी तथ्य प्रमाणित हुए हैं कि उमर गौतम के पास से प्राप्त दस्तावेजों में जिन धर्मांतरित व्यक्तियों का ब्यौरा है, उनका निकट संबंध कलीम सिद्दीकी से भी है।

यूपी एटीएस ने धर्मांतरण के लिए मौलाना कलीम सिद्दीकी को दोषी ठहराया है। पैसे के जरिए लोगों को गुमराह करने और उन्हें इस्लाम धर्म स्वीकारने की भी बात की गई है और साथ ही डरा धमकाकर भयाक्रांत कर इस्लाम धर्म स्वीकारने की बात को भी एटीएस ने कहा है। जबकि ऐसा सच नहीं है। आज के समय में पढ़े-लिखे को तो जाने दें बल्कि अनपढ़ लोग भी अपना भला-बुरा अच्छी तरह से समझते हैं।

यह बात समझने की आवश्यकता है कि कोई भी शख्स न तो जबरन इस्लाम धर्म स्वीकार करता है और न ही ज़बरदस्ती इस्लाम धर्म स्वीकार करने के लिए किसी के ऊपर दबाव बनाया या डाला जाता है। कोई भी शख्स इस्लाम धर्म या अन्य कोई धर्म अपनी मर्जी से स्वीकार करता है। इसलिए एटीएस का यह कहना कि मौलाना कलीम सिद्दीकी द्वारा धन या पैसे का प्रलोभन देकर धर्मांतरण कराने का सिंडीकेट चलाया जा रहा है या धर्मांतरण कराया जा रहा है, यह बात समझ से परे है।

एटीएस की इन बातों में सच्चाई कोसों दूर है। लोग धर्मांतरण तब करते हैं, जब लोगों के सामने दिक्कत पेश आती है, उनके धर्म के लोग उनका साथ छोड़ देते हैं, या स्वयं को दूसरी आस्था के करीब महसूस करते हैं। ऐसी परिस्थितियों में लोग अपने को एवं अपने परिवार के साथ दूसरे धर्म में आस्था प्रकट करते हुए धर्म परिवर्तन करते हैं। अपनी आध्यात्मिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए लोग धर्मांतरण करते हैं। भय से भयाक्रांत होकर या डरकर कोई धर्मांतरण नहीं करता है। धर्मांतरण के बारे में एटीएस की यह थ्योरी कोरी बकवास है। अब जब यूपी में विधानसभा चुनाव होने में मात्र कुछ माह बचे हैं तो, इस तरह की धर्मांतरण करने की बात करके हिंदू मतों के धुर्वीकरण करने का यह एक सोंचा-समझा प्रयास है।इसके सिवा कुछ भी नहीं है।

यूपी एटीएस ने मौलाना कलीम सिद्दीकी से पूर्व में गिरफ्तार उमर गौतम के संबंध भी जोड़ने का प्रयास किया है। कलीम सिद्दीकी के उमर गौतम से संबंध जोड़कर एटीएस अवैध धर्मांतरण की अपनी थ्योरी को मजबूत बनाने का प्रयास कर रही है। आश्चर्यजनक बात यह है कि मौलाना कलीम सिद्दीकी की लिखी पुस्तकों में भी एटीएस को अवैध धर्मांतरण दिखाई देता है। जबकि बताया जाता है कि मौलाना कलीम सिद्दीकी की पुस्तकों में इस्लाम धर्म के बारे में लिखा गया है। उन किताबों में कोई देश विरोधी बातें नहीं लिखी गई है। एडीजी प्रशांत कुमार ने अवैध धर्मांतरण के बारे में एवं मौलाना कलीम सिद्दीकी की गिरफ्तारी के बाबत प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अब तक अवैध धर्मांतरण के मामले में 11 गिरफ्तारी होने का जिक्र किया है। लेकिन मौलाना कलीम सिद्दीकी के साथ उनके ड्राइवर और अन्य दो लोगों की गिरफ्तारी का कोई जिक्र नहीं किया है। यह गिरफ्तारी नहीं दिखाया जाना एटीएस पर सवाल खड़े करता है?

इसके साथ ही आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्लाह खान ने ट्विट करके मौलाना कलीम सिद्दीकी की गिरफ्तारी का विरोध किया है। उन्होंने लिखा है कि, “उत्तर प्रदेश में चुनाव से पहले अब मशहूर इस्लामिक स्कॉलर मौलाना कलीम सिद्दीकी साहब को गिरफ्तार किया गया है, मुसलमानों पर अत्याचार बढ़ता जा रहा है। इन मुद्दों पर सेक्युलर पार्टियों की खामोशी भाजपा को और मजबूती दे रही है। यूपी चुनाव जीतने के लिए बीजेपी आखिर और कितना गिरेगी ?”

मौलाना कलीम सिद्दीकी को लेकर अमानतुल्लाह द्वारा की गई टिप्पणी से यूपी की राजनीति में धर्मनिरपेक्षता का दावा करने वाली राजनीतिक पार्टियों को सांप सूंघ गया है। आज ज़रूरत इस बात की है कि धर्मनिरपेक्षता का दावा करने वाले राजनीतिक दलों को सरकारों के गलत काम का विरोध करना चाहिए। अन्यथा सरकारें निरंकुश हो जाएंगी और इसका खामियाजा धर्मनिरपेक्षता का दावा करने वाले राजनीतिक दलों को भी भुगतना पड़ेगा।

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