Tuesday, May 18, 2021
Home पॉलिटिक्स क्या भाजपा पश्चिम बंगाल में हार को छिपाने के लिए नया प्रोपोगंडा...

क्या भाजपा पश्चिम बंगाल में हार को छिपाने के लिए नया प्रोपोगंडा फैला रही ?

हिंदू मतदाताओं ने भाजपा का साथ नहीं दिया। भाजपा की ओर से यह कहा जा रहा है कि मुस्लिम समुदाय के लोगों के कारण ममता बनर्जी की पश्चिमी बंगाल में भारी जीत हुई है। मुस्लिम वोटरों ने ममता बनर्जी का साथ दिया है। जबकि असलियत इसके ठीक उलट है। हिंदू बहुल आबादी वाले जिलों में हिंदू वोटरों ने ही भाजपा को ठुकरा दिया है।

अखिलेश त्रिपाठी

नई दिल्ली | देश में पांच राज्यों समेत पश्चिम बंगाल में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा की बुरी तरह हार हुई है। लेकिन भाजपा अपनी इस हार को स्वीकार करने के बजाये नए विश्लेषण कर प्रोपोगंडा फैला रही है।

देश में 5 राज्यों में सम्पन्न हुए विधानसभा चुनाव के परिणाम चौंकाने वाले आए हैं। इन चुनाव में पश्चिम बंगाल में भाजपा बुरी तरह पराजित हुई है। किंतु भाजपा अपनी पराजय पर पर्दा डालने का प्रयास कर रही है यानी चुनाव में अपनी हुई हार को छुपाने के लिए प्रोपोगंडा फैला रही है। भाजपा को सीधे – सीधेअपनी पराजय स्वीकार कर लेना चाहिए, लेकिन वह ऐसा नहीं कर रही है। भाजपा अपनी हार को हार न मानकर नए विश्लेषण कर जनता को अलग तरह से समझाने के लिए प्रोपोगंडा फैला रही है।

भाजपा की ओर से यह दलील दी जा रही है कि राज्य में विधानसभा चुनाव में उसकी पहले से ज्यादा सीटें आई हैं और वोटों का प्रतिशत बढ़ा है। उसकी तरफ से लोगों को यह बताने की कोशिश की जा रही है कि पिछले विधानसभा में उसके पास 2 सीटें थीं और इस बार 2 से बढ़कर 77 हो गई हैं। इसी के साथ उसका वोट प्रतिशत 10 से 38 हो गया है। लेकिन उसकी तरफ से पार्टी की विधानसभा चुनाव में हार होने की बात नहीं की जा रही है।

भाजपा की तरफ से और उसकी विचारधारा को मानने वाले लोगों की ओर से यह प्रोपोगंडा फैलाया जा रहा है कि अब विधानसभा में उसके पास इतनी सीटें हो गई हैं कि राज्यसभा में उसका आसानी से बहुमत हो जाएगा और मोदी सरकार जब और जैसा चाहेगी आसानी से कानून बनाकर पास कर लेगी। साथ ही पश्चिम बंगाल में और विधानसभा के अंदर ममता बनर्जी कोई मनमानी नहीं करने पाएंगी। इस प्रकार की बात करके भाजपा कौन सा संदेश देने का काम कर रही है, इसे वही बता सकती है?

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव में भाजपा की करारी शिकस्त हुई है। लेकिन वह प्रोपोगंडा फैला कर असलियत को छुपाने का लगातार प्रयास कर रही है और खुले मन से अपनी हार नहीं मान रही है।

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव जीतने के लिए भाजपा ने निम्न स्तर पर उतर कर सभी हथकंडे अपनाये। लेकिन कोई हथकंडा उसके काम न आया। राज्य की सत्ता पर कब्जा करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा, भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने पश्चिम बंगाल में खूब रैलियां करके मतदाताओं को अपने साथ लाने का काफी प्रयास किया, किंतु राज्य के मतदाताओं ने इनकी बातों पर भरोसा नहीं किया।

इसका सबसे बड़ा कारण यह था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जनता से झूठ बोलना, युवाओं को रोजगार न देना, युवाओं को रोजगार देने के बजाए पकौड़ा बेंचने का रोजगार करने की बात करना, देश की सरकारी संस्थानों को बेंचने का कार्य करना,रेल से लेकर एल आई सी और बैंकों तथा हवाई अड्डे बेंचने जैसे कार्य कर देश को बर्बाद करना प्रमुख है। यही नहीं, राज्य की सत्ता पाने के लिए ममता बनर्जी पर भद्दी भाषा का प्रयोग कर टिप्पणी करने को भी मतदाताओं ने बुरा माना और खासकर महिलाओं ने तो बहुत ही बुरा माना।

एक मुख्यमंत्री को हराने के लिए पूरी मोदी सरकार का लग जाना और मोदी सरकार के इशारे पर चुनाव आयोग के काम करने को भी मतदाताओं ने बेहद खराब माना। चुनावों के दौरान ममता बनर्जी को परेशान करने के लिए सीबीआई और ईडी की कार्यवाही को भी मतदाताओं ने मंजूर नहीं किया। मतदाताओं को यह लगा कि मोदी सरकार ममता बनर्जी के साथ नाइंसाफी कर रही है, इसलिए मतदाताओं ने भाजपा को सबक सिखाने का फैसला किया और चुनाव में भाजपा को धूल चटा दिया।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों को जीतने के लिए भाजपा ने हिंदू-मुस्लिम समुदाय के बीच जहर घोलने काम भी किया। भाजपा ने हिन्दू मतों के धुर्वीकरण के लिए बड़ी कोशिश की, पर उसकी यह कोशिश बेकार चली गई। भाजपा ने हिंदू वोटरों को अपने साथ लाने के लिए और हिंदू मतों के ध्रुवीकरण के लिए पश्चिम बंगाल में यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ की रैलियों को करवाया और योगी आदित्यनाथ ने रैली में जनता से भाजपा के पक्ष में मतदान करने की बात की। पुरुलिया, झाड़ग्राम, बांकुड़ा, पूर्वी मिदनापुर और पश्चिम मिदनापुर में योगी आदित्यनाथ ने रैलियां की और वोटरों को लुभाने का प्रयास किया। लेकिन योगी आदित्यनाथ का जादू मतदाताओं पर नहीं चला।यह जिले हिंदू बहुल आबादी वाले हैं और इनमें 80-90 प्रतिशत हिंदू समाज के लोग रहते हैं। इन जिलों में भाजपा की बुरी तरह हार हुई और टीएमसी ने झंडा फहराया।

हिंदू मतदाताओं ने भाजपा का साथ नहीं दिया। भाजपा की ओर से यह कहा जा रहा है कि मुस्लिम समुदाय के लोगों के कारण ममता बनर्जी की पश्चिमी बंगाल में भारी जीत हुई है। मुस्लिम वोटरों ने ममता बनर्जी का साथ दिया है। जबकि असलियत इसके ठीक उलट है। इन हिंदू बहुल आबादी वाले जिलों में हिंदू वोटरों ने ही भाजपा को ठुकरा दिया है। भाजपा मारे खिसियाहट के अपनी हार पर भी झूठ बोल रही है।

ओवैसी की पार्टी ने भी पश्चिम बंगाल में चुनाव लड़ा, लेकिन वह कुछ खास नहीं कर पाई। मुस्लिम मतदाताओं ने ओवैसी की पार्टी का साथ नहीं दिया। मुस्लिम मतदाताओं ने यह विचार शुरू में ही बना लिया था कि मुस्लिम मतों का विभाजन नहीं होने देना है और न ही किसी के बहकावे में आना है। यही कारण रहा कि ओवैसी की पार्टी कोई सीट हासिल कर पाने में नाकाम रही। कुल मिलाकर पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी की पार्टी के पक्ष में सभी जाति-धर्म के लोगों ने खुलकर मतदान किया है।

टीएमसी का साथ हिंदू-मुस्लिम सभी धर्मों के मतदाताओं ने दिया है। यही वजह है कि ममता बनर्जी की पश्चिमी बंगाल में भारी जीत हुई है। भाजपा पश्चिम बंगाल में मुंह दिखाने लायक नहीं रही है। इसी कारण वह अपनी हार को खुले मन से स्वीकार नहीं कर रही है बल्कि नए विश्लेषण के जरिए प्रोपोगंडा फैला रही है। पश्चिम बंगाल में विधानसभा की 292 सीटें हैं। इसमें 215 सीटें टीएमसी को और 77 सीटें भाजपा को मिली हैं। वामदलों और कांग्रेस का सफाया हो गया है।

टीएमसी मुखिया ममता बनर्जी नन्दीग्राम विधानसभा क्षेत्र से पहले विजयी घोषित कर दी गई थीं। लेकिन बाद में उन्हें जबरन हरा दिया गया और भाजपा के शुभेंदु अधिकारी को विजयी घोषित किया गया। ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग के खिलाफ इस मामले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की घोषणा की है। इसी बीच यह खबर आई है कि ममता बनर्जी 5 मई को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री के रुप में शपथ लेंगी और अपनी नई राजनीतिक पारी की शुरुआत करेंगी।

- Advertisement -
- Advertisement -

Stay Connected

16,985FansLike
2,458FollowersFollow
61,453SubscribersSubscribe

Must Read

उत्तर प्रदेश: चित्रकूट जेल में हुई तीन हत्याएं, योगी सरकार की कानून व्यवस्था पर उठे सवाल

अखिलेश त्रिपाठी | इंडिया टुमारो लखनऊ । उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले में जेल के अंदर क़ैदियों की हुई...
- Advertisement -

कोविड-19 : तिरुपति में तब्लीगी जमात ने 560 शवों का किया अंतिम संस्कार

इंडिया टुमारो तिरुपति | कोरोना संक्रमण से देशभर में लगातार मौतें हो रही हैं और इसका प्रकोप हर तरफ...

अस्पतालों की अव्यवस्था पर लिखने के कारण पत्रकार नासिर की पहले गिरफ्तारी, फिर रिहा किया गया

रहीम ख़ान | इंडिया टुमारो जयपुर | राजस्थान के टोंक शहर में एक पत्रकार नासिर खान को शनिवार को...

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय कोरोना की चपेट में, 20 दिनों में डेढ़ दर्जन से अधिक प्रोफेसर्स की मौत

अखिलेश त्रिपाठी | इंडिया टुमारो लखनऊ । अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय कोरोना की चपेट में है। कोरोना के कारण यहां...

Related News

उत्तर प्रदेश: चित्रकूट जेल में हुई तीन हत्याएं, योगी सरकार की कानून व्यवस्था पर उठे सवाल

अखिलेश त्रिपाठी | इंडिया टुमारो लखनऊ । उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले में जेल के अंदर क़ैदियों की हुई...

कोविड-19 : तिरुपति में तब्लीगी जमात ने 560 शवों का किया अंतिम संस्कार

इंडिया टुमारो तिरुपति | कोरोना संक्रमण से देशभर में लगातार मौतें हो रही हैं और इसका प्रकोप हर तरफ...

अस्पतालों की अव्यवस्था पर लिखने के कारण पत्रकार नासिर की पहले गिरफ्तारी, फिर रिहा किया गया

रहीम ख़ान | इंडिया टुमारो जयपुर | राजस्थान के टोंक शहर में एक पत्रकार नासिर खान को शनिवार को...

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय कोरोना की चपेट में, 20 दिनों में डेढ़ दर्जन से अधिक प्रोफेसर्स की मौत

अखिलेश त्रिपाठी | इंडिया टुमारो लखनऊ । अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय कोरोना की चपेट में है। कोरोना के कारण यहां...

धार्मिक जनमोर्चा की बैठक में धर्मगुरुओं ने कहा, आपदा में सेवा कर नफरत पर विजय प्राप्त करें

इंडिया टुमारो नई दिल्ली | कोरोना महामारी के इस संकट काल में धार्मिक जनमोर्चा के तत्वावधान में शनिवार को...
- Advertisement -

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here