https://www.xxzza1.com
Monday, July 15, 2024
Home Coronavirus क्या हरिद्वार कुंभ मेले का कोरोना को फैलाने में बड़ा योगदान है...

क्या हरिद्वार कुंभ मेले का कोरोना को फैलाने में बड़ा योगदान है ?

दरअसल अगले साल उत्तराखंड में भी यूपी के साथ ही विधानसभा चुनाव होने हैं। इसलिए उत्तराखंड सरकार राजनीतिक फायदे के लिए साधु संतों को नाराज नहीं करना चाहती है। साधु - संत नाराज न होने पाएं इसलिए कुंभ मेले की अनुमति दी और कुंभ मेले का आयोजन हुआ।

अखिलेश त्रिपाठी

नई दिल्ली | अगर यह कहा जाए कि हरिद्वार कुंभ मेले ने कोरोना को फैलने में बड़ा योगदान किया है तो यह गलत नहीं होगा। कोरोना संक्रमण के समय धार्मिक आयोजनों को पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाना चाहिए, लेकिन उत्तराखंड सरकार ने हरिद्वार में कुंभ मेले का आयोजन करके कोरोना को बढ़ाने का कार्य किया।

भारत में पिछले साल जब कोरोना का आगमन हुआ था तो दिल्ली में पहले से ही तबलीगी जमात का कार्यक्रम चल रहा था। इसी बीच अचानक भारत में लॉक डाउन घोषित कर दिया गया। विदेश से आने वाले मेहमानों को वापस लौटने का मौका नहीं मिला। बाद में कोरोना को फैलाने के लिए तबलीगी जमात पर तोहमत मढ़ी गई और तबलीगी जमात को दोषी ठहराया गया।

इसके लिए तमाम तरह के झूठे आरोप लगाए गए। लेकिन बाद में धीरे धीरे मामला शांत हो गया। किंतु अब जब देश कोरोना संकट से जूझ रहा है तो धार्मिक आयोजन की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। लेकिन उत्तराखंड सरकार ने हरिद्वार में कुंभ मेले के आयोजन की अनुमति दी।

दरअसल अगले साल उत्तराखंड में भी यूपी के साथ ही विधानसभा चुनाव होने हैं। इसलिए उत्तराखंड सरकार राजनीतिक फायदे के लिए साधु संतों को नाराज नहीं करना चाहती है। साधु – संत नाराज न होने पाएं इसलिए कुंभ मेले की अनुमति दी और कुंभ मेले का आयोजन हुआ। कुंभ मेले के आयोजन के समय उत्तराखंड सरकार की ओर से यह कहा गया था कि कुंभ मेले में आने के लिए कोरोना निगेटिव रिपोर्ट होना चाहिए। मेले में वही आ सकता है, जिसके पास कोरोना निगेटिव रिपोर्ट हो। लेकिन सरकार का आदेश हवा-हवाई साबित हुआ।

कुंभ मेले में भारी संख्या में साधु संत और लाखों लोग पहुंचे तथा कोरोना नियमों की धज्जियां उड़ा दी गईं। सोशल डिस्टेंस की खुलेआम धज्जियां उड़ाई गईं। परिणाम स्वरूप कोरोना ने साधु संतों और लोगों को अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया। कोरोना की चपेट में आने से साधु संत और लोगों की हालत खराब होने लगी। उत्तराखंड सरकार ने आनन फानन में कोरोना से बचने के लिए प्रयास किए, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। सरकार के प्रयास धरे रह गए और साधु संतों की मौतें होने लगी।

कोरोना से मरने वाले संतों में प्रमुख नाम सोमनाथ गिरी, अजय गिरी, निरंजनी अखाड़े की महिला महंत प्रेम लता गिरी महामंडलेश्वर, श्रीपंचायती निरंजनी अखाड़े के महंत राकेश पुरी हैं। इन संतो समेत अब तक 9 संतों की हरिद्वार कुंभ मेले में मौतें हो चुकी हैं।इनकी मौतों की पुष्टि श्री महंत रविंद्र पुरी ने की है।

हरिद्वार कुंभ मेले में इतने साधुओं के मरने के बाद भी उत्तराखंड सरकार ने कुंभ मेले को नहीं रोंका। उत्तराखंड सरकार ने चुनाव को ध्यान में रख कर आने वाले चुनाव में चुनावी लाभ के लिए कुंभ मेले को जारी रखा। उत्तराखंड सरकार ने मानवीय संवेदनाओं को तार-तार कर दिया और लोगों को मौत के मुंह में धकेलने का काम किया। साधु संतों की मौतों के बाद और कोरोना के कुंभ मेले में फैलने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना होने से मोदी को झटका लगा। फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरि महाराज को फोन कर कुंभ मेले को समाप्त करने की अपील की।

अवधेशानंद गिरि महराज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर विचार कर 17 अप्रैल को हरिद्वार कुंभ मेले के समाप्ति की घोषणा कर दी। इससे साधु संतों की संस्था अखाड़ा परिषद दो फाड़ हो गई। वैरागी और सन्यासी अलग हो गए। अवधेशानंद गिरि ने तो कुंभ मेले का समापन कर दिया। लेकिन दूसरे गुट ने इस फैसले को मानने से इंकार कर दिया और उसने कुंभ मेले की आखिरी तारीख 28 अप्रैल तक कुंभ मेले को मनाया।

सबसे बड़ी और खास बात यह रही कि उत्तराखंड सरकार के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील को नहीं माना और कुंभ मेले की आखिरी तारीख 28 अप्रैल तक कुंभ मेले को जारी रखा। इससे कुंभ मेले में बड़े पैमाने पर कोरोना फैला। लेकिन सरकार के कानों में कोई जूं नहीं रेंगी।

मज़ेदार बात यह है कि, तबलीगी जमात को लेकर पूरे देश में हाय तौबा मचाने वाले और मुसलमानों को बदनाम करने वाले लोगों के मुँह पर ताले लग गए। किसी ने भी कुंभ मेले का विरोध नहीं किया। इससे यह भी साबित होता है कि अब देश में जाति और धर्म को देख कर कार्यक्रम करने की अनुमति दी जाती है, यानि दोहरा रवैया अपनाया जाता है। कुल मिलाकर उत्तराखंड सरकार ने मानवता के खिलाफ जाकर कुंभ मेले का आयोजन किया है और लोगों के जीवन को संकट में डाला है, इसलिए कोरोना को फैलने देने की वह सीधे तौर पर जिम्मेदार है।

हरिद्वार कुंभ मेले का मामला इतने पर ही नहीं खत्म हो जाता है। हरिद्वार कुंभ मेले में जो गया है, वह कोरोना को लेकर आया है। कुंभ मेले में साधु संतों से मिलने गए उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव कोरोना संक्रमित हो गए थे और आज भी आइसोलेटेड हैं। यही नहीं, कुंभ मेले से वापस लौटे मध्य प्रदेश के जबलपुर में नरसिंह मंदिर के प्रमुख महामंडलेश्वर जगतगुरू डॉक्टर स्वामी श्याम देवाचार्य महाराज का भी जबलपुर में निधन हो गया है।

इसी प्रकार भोपाल के गुफा मंदिर के महंत चन्द्रमा दास त्यागी भी हरिद्वार कुंभ मेले में कोरोना संक्रमित हो गए थे। वे14 दिन से भोपाल में आइसोलेशन में थे। उनकी 1 मई को कोरोना से मौत हो गई। हरिद्वार कुंभ मेले में जो भी शामिल हुए हैं और उनके संपर्क में जो आया है, आज की तारीख में वह निश्चित तौर पर कोरोना संक्रमण से संक्रमित है। इन महंतो के संपर्क में जो लोग होंगे उनको तुरंत आइसोलेशन में जाने की जरूरत है, जिससे कोरोना आगे न फैले। बहुत से लोग अपने को छुपा रहे हैं, इससे कोरोना के और बढ़ने का खतरा बना हुआ है।

उधर दूसरी ओर मध्य प्रदेश के विदिशा जिले के बहुत से लोग हरिद्वार कुंभ मेले में शामिल होने आए थे। इनके कुंभ मेले से लौटने के बाद मध्य प्रदेश सरकार के हाथ -पैर फूल गए हैं। मध्य प्रदेश सरकार को बड़ी मुश्किल से 384 लोगों का पता चला है, इन्हें सरकार ने तुरंत आइसोलेटेड किया है। इनमें से 71 लोगों की कोरोना रिपोर्ट पॉजीटिव आई है। इससे सरकार की परेशानी बढ़ गई है।

मध्य प्रदेश सरकार की ओर से हरिद्वार कुंभ मेले में गए हुए लोगों से यह अपील की जा रही है कि वह सामने आएं और अपने को छुपाने की कोशिश न करें। लेकिन सरकार की बात पर कोई सामने नहीं आ रहा है। मध्य प्रदेश में कोरोना का कहर बरपा हुआ है।ऐसे में कुंभ मेले से लौटे लोगों के कारण सरकार की हालत और पतली हो गई है। सरकार को इनसे कोरोना के और फैलने का खतरा बना हुआ है। सरकार की अपील के बाद भी अभी तक कोई सामने नहीं आया है, इससे सरकार की चिंता बढ़ गई है।

हरिद्वार में कुंभ मेले के आयोजन से उत्तराखंड सरकार की हालत भी खराब हो गई है, क्योंकि उसके अपने राज्य में भी कोरोना ने तेजी के साथ पैर पसार लिए हैं। हरिद्वार, देहरादून, ऊधमसिंह नगर जिलों से कोरोना से मरने वालों की खबरें आनी शुरू हो गई हैं। उत्तराखंड के कई जिले कोरोना की चपेट में हैं। लेकिन उत्तराखंड सरकार अपनी नाकामी पर पर्दा डालने का प्रयास कर रही है।

अगर हम यह कहें कि उत्तराखंड सरकार ने देश में कोरोना को फैलाने में बड़ी भूमिका निभाई है तो इसमें कोई गलत बात नहीं होगी। उत्तराखंड सरकार ने देश में कोरोना लहर चलने के बाद भी जिस तरह हरिद्वार में कुंभ मेले का आयोजन करके लोगों के जीवन को खतरे में डाला है, उसके लिए राज्य सरकार को कभी माफ नहीं किया जा सकता है। उत्तराखंड सरकार ने खुलेआम मानवता के खिलाफ एक तरह से जघन्य अपराध किया है।

- Advertisement -
- Advertisement -

Stay Connected

16,985FansLike
2,458FollowersFollow
61,453SubscribersSubscribe

Must Read

जम्मू-कश्मीर के साथ मोदी सरकार का विश्वासघात लगातार जारी: कांग्रेस अध्यक्ष, मल्लिकार्जुन खड़गे

इंडिया टुमारो नई दिल्ली | गृह मंत्रालय ने उपराज्यपाल की शक्तियां बढ़ाने के लिए हाल ही में जम्मू और...
- Advertisement -

किसानों को रोकने के लिए शंभू बॉर्डर बंद करने पर सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा सरकार को लगाई फटकार

इंडिया टुमारो नई दिल्ली | किसानों के आंदोलन के कारण शंभू बॉर्डर बंद करने को लेकर शुक्रवार को सुप्रीम...

पेपर लीक मामला: BJP की सहयोगी पार्टी के दो विधायकों समेत 19 आरोपियों के विरुद्ध गैर ज़मानती वारंट जारी

इंडिया टुमारो नई दिल्ली | पेपर लीक मामले में उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार की सहयोगी पार्टी सुभासपा...

यूरोप में रूढ़िवादी और कट्टरपंथी नेताओं के उदय के बीच ईरान ने चुना सुधारवादी राष्ट्रपति

-सैयद ख़लीक अहमद नई दिल्ली | ऐसे समय में जब उदारवादी यूरोप में अति-राष्ट्रवादी और कट्टरपंथी रूढ़िवादी मज़बूत हो...

Related News

जम्मू-कश्मीर के साथ मोदी सरकार का विश्वासघात लगातार जारी: कांग्रेस अध्यक्ष, मल्लिकार्जुन खड़गे

इंडिया टुमारो नई दिल्ली | गृह मंत्रालय ने उपराज्यपाल की शक्तियां बढ़ाने के लिए हाल ही में जम्मू और...

किसानों को रोकने के लिए शंभू बॉर्डर बंद करने पर सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा सरकार को लगाई फटकार

इंडिया टुमारो नई दिल्ली | किसानों के आंदोलन के कारण शंभू बॉर्डर बंद करने को लेकर शुक्रवार को सुप्रीम...

पेपर लीक मामला: BJP की सहयोगी पार्टी के दो विधायकों समेत 19 आरोपियों के विरुद्ध गैर ज़मानती वारंट जारी

इंडिया टुमारो नई दिल्ली | पेपर लीक मामले में उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार की सहयोगी पार्टी सुभासपा...

यूरोप में रूढ़िवादी और कट्टरपंथी नेताओं के उदय के बीच ईरान ने चुना सुधारवादी राष्ट्रपति

-सैयद ख़लीक अहमद नई दिल्ली | ऐसे समय में जब उदारवादी यूरोप में अति-राष्ट्रवादी और कट्टरपंथी रूढ़िवादी मज़बूत हो...

MSP की गारंटी जैसे मुद्दों को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा ने फिर आंदोलन शुरू करने का किया ऐलान

इंडिया टुमारो नई दिल्ली | संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने गुरुवार को ऐलान किया कि वह न्यूनतम समर्थन मूल्य...
- Advertisement -

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here